
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। वर्तमान समय में जहां कई संस्थानों में इंटर्नशिप केवल औपचारिकता और प्रमाण-पत्र तक सीमित होकर रह गया है। जबकि, इंटर्नशिप सिर्फ कागजी प्रक्रिया या सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं है बल्कि यह विषय से जुड़ने और उसे उसे महसूस करने का साधन भी है।
द उम्मीद समर इंटर्नशिप 2026 के औचित्य और प्रासंगिकता के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए द उम्मीद के संस्थापक अमरजीत कुमार ने संवादाता से उक्त बातें कही।
विषय को महसूस करें :
उन्होंने बताया कि, नई शिक्षा नीति 2020 और विश्वविद्यालयों की इंटर्नशिप गाइडलाइन के अनुरूप ‘द उम्मीद’ का प्रयास है कि, प्रत्येक विद्यार्थी अपने विषय को केवल पढ़े ही नहीं, बल्कि उसे समझे और वास्तविक जीवन में महसूस करे।
बायोडायवर्सिटी पार्क का भ्रमण :
बताते चलें कि, द उम्मीद समर इंटर्नशिप 2026 के चौथे दिन प्लांट्स लाइफ साइंस (बॉटनी) के छात्रों को कक्षा और किताब की दुनिया से अलग प्रकृति और जैव विविधता से सीधे जोड़ने की कोशिश के तहत शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वनस्पति शास्त्र विशेषज्ञ अरुण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में छात्रों ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा परिसर स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क का भ्रमण किया।
पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता :
भ्रमण के दौरान श्री सिन्हा ने छात्रों को विभिन्न प्रकार के पौधों, औषधीय वनस्पतियों, दुर्लभ प्रजातियों, पौधों के वर्गीकरण, संरक्षण तथा जैव विविधता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस क्रम में उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जैव विविधता की भूमिका और पौधों के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान छात्रों ने पौधों की संरचना, वैज्ञानिक नाम, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका तथा पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान को प्रत्यक्षण के माध्यम से समझा।
व्यावहारिक ज्ञान साझा करने का सशक्त मंच :
श्री अमरजीत ने बताया कि, ‘द उम्मीद’ छात्रों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में व्यावहारिक अनुभव, और समाज से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। क्योंकि हमारा मानना है कि, इंटर्नशिप व्यक्तित्व विकास, कौशल उन्नयन, नेतृत्व क्षमता विकास, सामाजिक समझ और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने और साझा करने का सशक्त मंच है।