
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में कृषि पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा मे नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस क्रम में नामांकन हेतु आवेदन की तिथि घोषित कर दी गई है। इस बाबत जानकारी देते हुए पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. कुमार राज्यवर्धन ने बताया कि, नामांकन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 है।
पाठ्यक्रम :
उन्होंने बताया कि, विश्वविद्यालय में कृषि पत्रकारिता की पढ़ाई स्कूल आफ़ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट में कराई जाती है। इस पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए 15 सीट है। इस एक वर्षीय पाठ्यक्रम में छः महीने का कोर्स वर्क है जबकि छह महीने का इंटर्नशिप है।
कृषि पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए कुल शुल्क हॉस्टल सहित लगभग तीस हजार रुपए प्रति सेमेस्टर है। पहले सेमेस्टर में छात्रों को विश्वविद्यालय में ही सैध्दांतिक विषय पढाये जायेंगे एवं विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो एवं टीवी स्टूडियो में प्रायोगिक विषयो का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे छमाही सेमेस्टर में इंटर्नशिप की व्यवस्था किसी प्रसिद्ध टीवी चैनल या हिंदी एवं अंग्रेजी के बड़े अखबार में विश्वविद्यालय की ओर से कराई जाती है।
अहर्ता :
कृषि पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए वैसे छात्र छात्राएं आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पत्रकारिता में बीए या मनोविज्ञान, समाजविज्ञान, अर्थशास्त्र , हिंदी या अंग्रेजी में से किसी भी विषय से स्नातक की उपाधि हासिल की हो। कृषि में बीएससी और बीबीए की डिग्री वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।
संभावनाएं और अवसर :
हालिया वर्षों में कृषि क्षेत्र में हो आए व्यापक बदलाव, नित नए अनुसंधान, उपलब्धियों आदि के परिपेक्ष्य में कृषि पत्रकारिता के छात्रों की मांग टीवी चैनल एवं अखबार के अतिरिक्त लगभग सभी कृषि विश्वविद्यालय में महसूस की जा रही है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय एवं बीएयू सबोर समेत देश भर के कई विश्वविद्यालय पूसा में भी मीडिया सेल और सामुदायिक रेडियो शुरू किया गया है, जहां ऐसे छात्रों की मांग है।
शुल्क व अन्य विवरण :
कृषि पत्रकारिता में नामांकन के लिए 15 सीट है। कृषि पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए कुल शुल्क हास्टल सहित लगभग तीस हजार रुपए प्रति सेमेस्टर है। पहले सेमेस्टर में छात्रों को विश्वविद्यालय में ही सैध्दांतिक विषय पढाये जायेंगे एवं विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो एवं टीवी स्टूडियो में प्रायोगिक विषयो का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी छमाही में सभी को किसी चैनल या अखबार में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाएगा।
विश्वविद्यालय स्तर पर होगा नामांकन :
पिछले वर्षो के रेकार्ड को देखते हुए यहां से पास होने वाले छात्रों का प्लेसमेंट भी लगभग तय माना जाता है। कृषि पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठयक्रम के 15 सीटों पर नामांकन के लिए इस बार विश्वविद्यालय स्तर पर ही नामांकन किया जाएगा। अगले वर्ष से नामांकन आइसीएआर की काउंसलिंग के माध्यम से होने की संभावना जताई जा रही है। कृषि पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए डॉ कुमार राज्यवर्धन को समन्वयक बनाया गया है।