
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिसके तहत जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य समिति ने प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों के प्रशासनिक एवं वित्तीय पुनर्गठन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इसे जिले की स्वास्थ्य प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखी जा रही है।
हो रही थीं व्यावहारिक कठिनाइयाँ :
गौरतलब है कि वर्ष 2006 के बाद जिले के छह अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उत्क्रमित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्रदान किया गया था, किन्तु उनके अनुरूप प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का पुनर्गठन नहीं होने के कारण कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही थीं। इससे स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, दवा एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा दैनिक प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे।
जिला स्वास्थ्य समिति ने की पुनर्गठन की प्रक्रिया प्रारंभ :
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन समस्याओं के समाधान हेतु जिले के विभिन्न प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के समक्ष आवश्यक सुधार का प्रस्ताव रखा। विषय की महत्ता एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित पहल की और जिला स्वास्थ्य समिति ने पुनर्गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की है।
पीएचसी को प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार :
प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर, विद्यापतिनगर, मोहनपुर एवं बिथान तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवाजीनगर, ताजपुर एवं पटोरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को उनके संबंधित प्रखंड के अंतर्गत संचालित सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों का आहरण एवं संवितरण पदाधिकारी (DDO) सहित आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार प्रदान किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है।
मिलेगी गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवा :
नई व्यवस्था लागू होने के उपरांत प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन अधिक प्रभावी एवं विकेन्द्रित होगा। प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आएगी, वित्तीय कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित होगा, स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता आएगी तथा संस्थानों की जवाबदेही एवं कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसका प्रत्यक्ष लाभ जिले के आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में प्राप्त होगा।
निष्कर्ष :
जिला प्रशासन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा जनकेंद्रित बनाना है। यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम सिद्ध होगा।