
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। मानसून की शुरुआत के साथ जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलती है, वहीं बारिश अपने साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी लेकर आती है। जलजमाव, गंदगी और नमी के कारण बैक्टीरिया व मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जिससे आमजन को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बारिश के दिनों में साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान :
जिले के मुसरीघरारी स्थित हाइवे हॉस्पिटल के निदेशक सह मुख्य चिकित्सक डॉ. एके झा ने शुक्रवार को मरीजों से उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, बारिश के मौसम में छोटी-छोटी लापरवाही भी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए किसी तरह की लापरवाही से बचना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि, बारिश के दिनों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तेज बुखार या लगातार उल्टी-दस्त होने पर अविलंब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।”
बच्चों और बुजुर्गों में प्रभाव अधिक :
उन्होंने बताया कि, बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टायफाइड, डायरिया, वायरल फीवर और त्वचा संबंधी रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में इन बीमारियों का प्रभाव अधिक देखा जाता है।
लगातार नमी से फंगल इन्फेक्शन और त्वचा रोग आम :
डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से फैलती हैं, जो बारिश के पानी के जमाव में पनपते हैं। वहीं दूषित पानी और भोजन के सेवन से डायरिया और टायफाइड जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इसके अलावा लगातार नमी के कारण फंगल इन्फेक्शन और त्वचा रोग भी आम हो जाते हैं।
सावधानी :
डॉ. झा ने कहा कि, थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और टंकी को नियमित साफ करें तथा मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें। खाने-पीने में विशेष सावधानी बरतते हुए केवल साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं। बाहर का खुला या बासी खाना, जंक फूड, आदि खाने से बचें। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
बिना डॉक्टर की सलाह के न करें दवाइयों का सेवन :
बरसात में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनना चाहिए और शरीर को साफ रखना चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके। यदि बुखार, उल्टी, दस्त या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें तथा बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन न करें। यह जोखिम भरा हो सकता है।
उपस्थिति :
मौके पर डॉ. अवनीश किरण झा, मनीष कुमार मिश्रा सहित सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा बड़ी संख्या में मरीज व उनके परिजन उपस्थित थे।