
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 विद्यापतिनगर। सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय 3.0 के तहत हर प्रखंड में राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने की योजना को कई प्रखंड में झटका लगा है। हालांकि 15 जुलाई को मुख्य मंत्री पूरे प्रदेश में नव स्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का रिमोट दबा कर शुभारंभ करेंगे। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
उधार के छः कमरों में संचालित होगा कॉलेज :
इसी कड़ी में प्रखंड में डिग्री कॉलेज का भी बुधवार को शुभारंभ किया जाना है। ये और बात है कि, इस कॉलेज के लिए अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं हो सका है। फिलहाल इसे विद्यापति प्लस टू विद्यालय मऊ बाजिदपुर के परिसर में प्रशासनिक निर्देश पर मिले छह कमरों में ही चालू किया जाना है।
प्राचार्य व एक प्राध्यापक के जिम्मे अध्यापन :
गौर तलब है कि डिग्री कॉलेज को अभी तक मात्र एक प्राध्यापक पोलिटिकल साइंस में मिला है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ अजय कुमार ने बताया कि, अभी छह कमरा एवं एक प्राध्यापक, एक स्टाफ, एक सुरक्षा कर्मी और एक सफाई कर्मी मिला है। कॉलेज के संसाधन में बेंच डेस्क, कंप्यूटर आदि जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया है। पानी, बिजली और शौचालय सहित सभी सुविधाएं संबंधित विद्यालय से ही जुड़ी है।
धीरे धीरे होगा सुधार :
डॉ. कुमार ने बताया कि, सूची में शामिल 103 छात्रों में से 60 छात्रों का नामांकन हो चुका है। विद्यालय तक पहुँचने का मुख्य मार्ग से सड़क से जुड़ी है। प्राचार्य ने बताया कि, कॉलेज के लिए जमीन नहीं मिला है। शेष सभी व्यवस्था में धीरे धीरे सुधार हो जाएगा।
ग्रामीणों के सवाल :
उधर ग्रामीण राजकीय डिग्री कॉलेज के शुभारंभ को लेकर सरकार की बेचैनी और जल्दबाजी को देखते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के दावे पर चटखारे ले रहे हैं। बिना समुचित साधन–संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित किए जल्दबाजी में कॉलेज शुरू करने की जरूरत क्या थी? जब तक शेष विषयों में शिक्षक आएंगे तब तक नामांकित छात्रों के शिक्षा का क्या होगा?
बंदरबांट का नया अवसर :
अगले ही पल मुस्कुराते हुए वे कहते है कि, अब सिर्फ एक ही प्राध्यापक नव नामांकित विज्ञान, कला, वाणिज्य सभी संकायों के विभिन्न विषयों के छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दे देंगे। शेष शिक्षकों की जरूरत क्या है? बहरहाल, ग्रामीणों की माने तो डिग्री कॉलेज की यह कवायद प्रखंड स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की चिंता कम और भवन आदि निर्माण व संसाधन जुटाने में राजस्व के बंदरबांट का नया अवसर अधिक प्रतीत होता है।