एलईडीपी योजना के तहत 20 दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे बैच का हुआ समापन

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। क्योंकि भारत से दूसरे देश को भारतीय उत्पाद निर्यात किया जाता था। जूट एवं हस्त निर्मित रेशों से बने कपड़ों की विदेशों में भी मांग थी। ये कपड़े मिस्र आदि देशों को जाते थे।
हुनर को पहचानने और उसे व्यवसाय का रूप देने के लिए किया प्रेरित :
ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) के तहत आयोजित 20 दिवसीय जूट हस्तशिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने उक्त बातें कही। इस क्रम में उन्होंने महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और उसे व्यवसाय का रूप देने के लिए प्रेरित किया और कहा कि अपनी कला को ताकत बनाएं और छोटे से हुनर को बड़े व्यवसाय में बदलने का प्रयास करें।
नाबार्ड एवं औसेफा के इस रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम कि सराहना :
डीडीसी श्री सिंह ने कहा कि आज प्लास्टिक से बने वस्तुओं का पर्यावरण पर दुष्प्रभाव बढ़ रहा है। वहीं जूट से बने वस्तु पर्यावरण अनुकूल है। उन्होंने जूट के अनगिनत फायदे बताए तथा महिलाओं द्वारा बनाए गए जूट उत्पाद एवं नाबार्ड एवं औसेफा के इस रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम कि सराहना की।
20 दिवसीय जूट हस्तशिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण के दूसरे बैच का समापन :
बताते चलें कि, जिले के स्वयं सहायता समूह भवन, परतापुर में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) के तहत आयोजित 20 दिवसीय जूट हस्तशिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण के दूसरे बैच का समापन हुआ। अनमोल उपहार सेवा फाउंडेशन (औसेफा) की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूह की 30 महिलाओं को जूट के रेशे से हस्तशिल्प उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
आर्थिक रूप से होंगी आत्मनिर्भर और सशक्त :
डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्ण ने प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि, इस प्रशिक्षण से जीविका दीदीयों को आय में वृद्धि होगी तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त होंगी। बिहार ग्रामीण बैंक के वरीय प्रबंधक राहुल कुमार व प्रतीक कुमार ने बैंकिंग योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बैंक आपलोगों को आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार है।
उपस्थिति :
मौके पर औसेफा के सचिव ललित कुमार, परियोजना निदेशक प्रेरणा कुमारी, अजित कुमार मालाकार सहित तीस प्रशिक्षणार्थी मौजूद थी।
