ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 संपन्न हो गया। एनडीए ने सभी चुनावी पंडितों के आकलन और पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ते हुए महागठबंधन को बुरी तरह पराजित कर 203 सीटों पर कब्जा जमा लिया है।
ऐसे में राजनीतिक गलियारे में हलचल चरम पर है। वोट चोरी के मुद्दे को इस चुनाव परिणाम ने हवा दे दी है। चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आरोपों के दायरे में हैं।
इसी बीच चुनाव की घोषणा के समय से ही चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त सहित सभी निर्वाचन पदाधिकारियो पर सवाल उठते रहे अप्पन पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरके राय ने संवाददाता से बातचीत करते हुए कुछ सवाल किए हैं।
हमारे गृह मंत्री एक जनसभा में मतगणना के तारीख की मिनट टू मिनट भविष्यवाणी करते हैं। और वहीं होता है कैसे? बिना चुनाव आयोग से मिलीभगत के यह कैसे मुमकिन है।
चुनाव आयुक्त द्वारा जारी आंकड़ों को आधार बनाते हुए श्री राय ने कहा कि, जब एनडीए और राजद को पिछले चुनाव के बराबर वोट पड़े तो सीटों में इतना बड़ा अंतर कैसे?
चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें,

बड़ा सवाल करीब 2,48, 60,200 करोड़ वोट कहां से आए
कुल मतदाता 7 करोड़ 42 लाख (एसआईआर 2025 के मुताबिक)
कुल मतदान प्रतिशत 66.9% (चुनाव आयुक्त ने बताया)
कुल मतदान 7 करोड़ 45 लाख। (चुनाव आयुक्त ने बताया)
ये चुनाव आयोग का गणित है।
जिसके मुताबिक 7.42 करोड़ का 66.9% = 7.45 करोड़
(7.42 करोड़ –66.9% = 4,96,39,800 की जगह पड़े 7.45 करोड़ वोट। ) 2,48,60,200 वोट कहां से आ गए।
आप ही बताएं, ये चुनाव आयोग का कैसा गणित है। जिसके मुताबिक 7.42 करोड़ का 66.9% = 7.45 करोड़ होता है? एक कक्षा 5 का बच्चा भी इसे देख कर हंस देगा।

श्री राय ने कहा, खुद चुनाव आयुक्त ने खुद कहा है कि इस आंकड़े में सेना मतदाता, टीजी वोटर और पोस्टल बैलेट की गिनती शामिल नहीं है। ये जोड़ दें तो संख्या क्या होगी?
उन्होंने कहा, तेजस्वी, राहुल आदि अगर चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त पर सवाल खड़े करते है तो क्या गलत है। चुनाव आयुक्त को इसका जवाब तो देना ही चाहिए।
लेकिन चुनाव आयोग या चुनाव आयुक्त से कोई सवाल नहीं कर सकता हाल ही में इनको इतनी शक्तियां दी गई हैं। इसलिए यह चुनाव, एग्जिट पोल और चुनाव परिणाम सब के सब पूर्व नियोजित हैं।