
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में भरी गिरावट की संभावना है। जिससे रबी फसलों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
इस बाबत डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के नोडल ऑफिसर डॉ अब्दुल सत्तार ने किसानों के लिए जारी सुझाव में कहा है कि टमाटर, मटर और आलू जैसी तापमान-संवेदनशील फसलों पर नमी की कमी के कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इन फसलों के खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें। सब्जी वाली फसलों में आवश्यकता अनुसार निराई-गुड़ाई एवं सिंचाई करें।
अगेती बोई गई मटर की फसल में चूर्णिल फफूंदी (पाउडरी मिल्ड्यू) रोग की निगरानी जरूरी है। इस रोग में पत्तियों, फलों एवं तनों पर सफेद चूर्ण दिखाई देता है। नियंत्रण के लिए केराथेन दवा 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी या सल्फेक्स दवा 3 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
गेहूं की फसल यदि 40–45 दिन की अवस्था में है तो दूसरी सिंचाई के साथ 30 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की दर से टॉप ड्रेसिंग करें। वहीं, विलंब से बोई गई गेहूं की फसल जो 21–25 दिन की अवस्था में है, उसमें सिंचाई के बाद इतनी ही मात्रा में नाइट्रोजन दें। गेहूं में उगने वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फ्यूरॉन 33 ग्राम एवं मेटसल्फ्यूरॉन 20 ग्राम प्रति हेक्टेयर को 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
मक्का की फसल में तना बेधक कीट की नियमित निगरानी आवश्यक है। इसके नियंत्रण के लिए अंकुरण के दो सप्ताह बाद फोरेट 10 जी या कार्बोफ्यूरान 3 जी के 7–8 दाने प्रति पौधा डालें। अधिक प्रकोप की स्थिति में डेल्टामेथ्रिन का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
सरसों की फसल जो पुष्प अवस्था पार कर चुकी है, उसमें माहू कीट पर नजर रखें। कीट दिखने पर 50–100 पीले चिपचिपे फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं। अधिक प्रकोप होने पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल का छिड़काव करें।
आलू की फसल में समय-समय पर खरपतवार निकालें और 10–15 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। साथ ही कटवर्म और झुलसा रोग की निगरानी रखें। मटर की फसल में निराई-गुड़ाई के साथ फली छेदक कीट से बचाव जरूरी है। अधिक प्रकोप होने पर क्विनालफॉस या नोवाल्यूरॉन का छिड़काव लाभकारी रहेगा। मटर में बेहतर उपज के लिए 2 प्रतिशत यूरिया घोल का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है।