
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। मौसमीय अनियमितता या कहें अनिश्चित व अनियमित जलवायु परिवर्तन के मौजूदा दौर में जलवायु आधारित खेती से उपज और आमदनी में आशातीत वृद्धि हो सकती है।
केवीके प्रमुख ने किया संबोधित :
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली के तत्वावधान में पूसा प्रखंड स्थित दीघरा में आयोजित, ‘जलवायु अनुकूल कृषि परियोजना’ के अंतर्गत ‘रबी फसलों में समसामयिक कृषि कार्य’ विषयक प्रशिक्षण को सम्बोधित करते हुए केवीके बिरौली के हेड डॉ. आर.के. तिवारी ने उक्त बातें कही।
इस दौरान उन्होंने बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने हेतु किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रबंधन तकनीक की दी जानकारी :
इस अवसर पर अपने संबोधन में उद्यान विशेषज्ञ डॉ. धीरु कुमार तिवारी ने सब्जियों में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन और विशेषज्ञ सुमित कुमार सिंह ने फल एवं सब्जियों में समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन पर तकनीकी जानकारी साझा की।
शून्य जुताई विधि से लगे गेहूं की फसल का अवलोकन :
शुभम भगत और सत्येन्द्र कुमार सहित 50 से अधिक किसानों की सक्रिय भागीदारी के साथ संपन्न इस कार्यक्रम में आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से पैदावार बढ़ाने पर बल दिया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों एवं किसानों ने जलवायु अनुकूल खेती कर रहे किसानों के प्रक्षेत्र का भ्रमण करके शून्य जुताई विधि से लगे गेहूं की फसल का अवलोकन भी किया।