
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 कर्पूरीग्राम। मुश्किल दिनों में अपनी समस्या अपनी नोडल शिक्षिकाओं, मां, भाभी, अथवा बड़ी बहनों से नि:संकोच साझा करें। ताकि समय पर उचित मार्गदर्शन और समाधान प्राप्त हो सके।
जागरूकता सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम :
बालिका स्वच्छता सप्ताह के अवसर पर छात्राओं को अपने के बड़ों के साथ या शिक्षिकाओं से खुल कर बात करने केलिए प्रेरित करते हुए स्टेट ट्रेनर सुभीत कुमार सिंह ने उक्त बातें कही। इस दौरान छात्राओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि, “माहवारी से जुड़े विषयों पर झिझक या शर्म मानसिक तनाव एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है।” श्री सिंह ने कहा कि, “जागरूकता सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है।”
दी व्यक्तिगत स्वच्छता से संबंधित जानकारों :
बताते चलें कि, बेटियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जागरूकता को केंद्र में रखते हुए प्रभावती रामदुलारी इंटर विद्यालय कर्पूरीग्राम में “बालिका स्वच्छता सप्ताह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता, पोषण तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान विद्यालय की नोडल शिक्षिकाएं स्मृति कुमारी, शीला कुमारी एवं चुनचुन कुमारी ने छात्राओं को माहवारी एवं व्यक्तिगत स्वच्छता से संबंधित वैज्ञानिक एवं सामाजिक जानकारियां विस्तारपूर्वक दीं।
लापरवाही संक्रमण जन्य बीमारियों को न्योता :
इस दौरान उन्होंने कहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र के साथ होने वाले हार्मोनल चेंज के क्रम में स्वाभाविक एवं प्राकृतिक प्रक्रिया है। यह हमारे स्वस्थ होने का सूचक भी है। इसलिए इस दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। इसमें जरा सी लापरवाही संक्रमण जन्य बीमारियों को न्योता दे सकता है।
फल तथा हरी सब्जियों के नियमित सेवन पर बल :
इस दौरान शिक्षिकाओं ने छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए चना, गुड़, फल तथा हरी सब्जियों के नियमित सेवन पर बल दिया।
स्वास्थ्य के प्रति सजगता सुरक्षित भविष्य की पहली सीढ़ी :
इस दौरान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक किरण झा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, ऐसे कार्यक्रम से निकलने वाले संदेश केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में भी सकारात्मक जागरूकता का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही सुरक्षित और सशक्त भविष्य की पहली सीढ़ी है।