
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क विद्यापतिनगर । उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था के सरकारी दावों प्रतिदावों के बीच विद्यापतिनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलता नजर आता है। जी हां!सीएससी विद्यापतिनगर में अभी तक इमरजेंसी इलाज की सुविधा नहीं है। जिसके कारण इमरजेंसी मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर किया जाता है।
अस्पताल में प्रतिदिन हर तरह की बीमारी के इलाज के लिए 150 से 175 मरीज आते है।मगर अस्पताल में एक्स रे और अल्ट्रा साउंड नहीं होने और गंभीर मरीज के इलाज की सुविधा नहीं होने से दो -चार प्रतिशत मरीज को सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर किया जाता है, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
यहाँ तक की सर्जन, महिला और शिशु विशेषज्ञ डाक्टर भी नहीं है। जिसके कारण आपरेशन से जुड़े मरीज के साथ महिलाओं को और बच्चों के इलाज के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल में प्रसव और साधारण इलाज चल रहा है। यहाँ आँख का इलाज के साथ चश्मा भी लोगो को मुफ्त में दिया जाता है साथ ही बंध्याकरण का काम किया जाता है। एवं प्रसव पूर्व पीएम मातृत्व सुरक्षित अभियान के तहत जाँच की जाती है।
प्रसव के लिए माह में करीब डेढ़ सौ महिलाओं का आना होता है जिसमे एक दो प्रतिशत गंभीर पेसेंट को सदर अस्पताल रेफर किया जाता है। शेष का प्रसव यही होता है। यही नहीं भर्ती मरीज को बेड सीट और कंबल नहीं मिलता है जिससे जाड़े के इस मौसम में अपने भरोसे मरीजों को रहना पड़ रहा है।
प्रसव के लिए आई शेरपुर की महिला पूनम कुमारी एवं सिमरी के शोभा कुमारी के बेड पर बेडसीट नहीं था। बताया की नहीं मिला है। सीएससी प्रबंधक वहाब आलम ने बताया कि अस्पताल में दवा उपलब्ध है। इमरजेंसी सुविधा नहीं होने पर प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
सर्जन, महिला एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। बेड सीट व कंबल नहीं होने से यहां आने वाले गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।