
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 विद्यापति नगर। जिले में संगीत शिक्षा के सूत्रधार या कहें संगीत जगत के मजबूत आधार स्तंभ पंडित राम स्वार्थ ठाकुर मतवाला के महाप्रयाण के साथ समस्तीपुर संगीत जगत के विशद अध्याय का अवसान हो गया। उनके निधन से जिले के संगीत जगत में उत्पन्न शून्य की भरपाई किसी युग में मुमकिन नहीं होगा।
स्मृति शेष पंडित आरएस मतवाला के शिष्य सह नवोदय विद्यालय सीतामढ़ी के संगीत शिक्षक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने शुक्रवार को उनके गढ़ासिसइ स्थित आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उक्त बातें कही।
संगीत चारों विधाओं सहित संगीत शास्त्र पर भी पकड़ :
उन्होंने बताया कि, वे इकलौते पूर्ण संगीतज्ञ थे जो गायन, वादन, नृत्य एवं तबला सभी विधाओं के सिद्धहस्त कलाकार थे। सितार वादन में स्वर्ण पदक प्राप्त स्व. मतवाला सरोद भी उतनी ही कुशलता से बजाते थे, गायकी में जिस गहराई से पकड़ रखते थे नृत्य व तबला में भी उतनी ही गहरी पकड़ रखते थे। यही नहीं संगीत शास्त्र पर भी उनकी पकड़ अदभुत व आश्चर्यजनक थी।
दी भावपूर्ण व संगीतमय श्रद्धांजलि :
बताते चलें कि, स्मृति शेष मतवाला के निधनोपरांत शांति पूजन के अवसर पर उनके सम्मान में शांति सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम ग्रामीणों सहित आगत अतिथियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात उनके शिष्यों ने उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन :
इस दौरान डॉ सुनील ने उनकी गायन शैली को मंच पर जीवंत करते हुए उनके ही अंदाज में ख्याल, ठुमरी आदि प्रस्तुत कर समां बांध दिया। तत्पश्चात संगीत शिक्षक रौशन कुमार, संजय अस्थाना, प्रवीण कुमार आदि ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। इस दौरान रामचंद्र ठाकुर सहित उपस्थित तबला वादकों ने भी माहौल को जीवंत बनाने में महती भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ संजय कुमार राजा ने किया।
उपस्थिति :
इस अवसर पर पुत्र गोपाल ठाकुर सहित उनके परिजन, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अविनाश भारद्वाज, राम नरेश सिंह, बूटन दास, मेघन दास, राकेश झा, कुंदन, चंदन सर्वेश कुमार आदि मौजूद रहे।