
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क विद्यापतिनगर । मिथिलांचल सहित प्रदेश का धार्मिक एवं मनोकामना लिंग के रूप में प्रसिद्ध विद्यापतिधाम में निश्चित तिथि कार्तिक मास के धवल त्रयोदशी यानि आज सोमवार को सादे समारोह में विद्यापति महोत्सव मनाया गया। पूर्व मुखिया कवि गणेश गिरी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह का संचालन चर्चित कवि सीताराम शेरपुरी ने की।
इस अवसर पर सर्वप्रथम वक्ताओं ने कविकुल शिरोमणि मैथिल कोकिल विद्यापति के चित्र पर पुष्प और माला र्पित कर उनके उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि विद्यापति मूल रूप से भक्ति और श्रृंगार रस के कवि थे। यह हमारा सौभाग्य है कि महाप्रयाण केलिए उन्होंने इस धरती को चुना। यहां उन्होंने अपने अंतिम समय में उगना महादेव एवं गंगा माता के दर्शन किए। जिसके कारण महान है यह धरती और जिनके नाम से प्रखंड, विद्यापतिधाम रेलवे स्टेशन और हम सभी लोग जाने जाते है।
पूर्व मुखिया गणेश गिरी कवि ने बताया कि इस क्षेत्र की और विद्यापति महोत्सव की लोकप्रियता देश ही नहीं विदेशों में भी फैली है। आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण पहली बार विद्यापति महोत्सव का आयोजन अपने निर्धारित तिथि को नहीं हो सका है।
चुनाव आदर्श चुनाव आचार संहिता को लेकर एसडीओ से गहन विचार विमर्श के बाद विद्यापति राजकीय महोत्सव की तिथि 28 से 30 नवंबर को करने का निर्णय लिया गया है। जिसके करण इनके निर्धारित तिथि आज सादे समारोह में विद्यापति महोत्सव मनाया गया है।
कार्यक्रम में भूपेंद्र नारायण सिंह, चतुरानंद गिरि, रत्न शंकर भारद्वाज, धर्मराज चैतन्य, नवीन गिरि, मणिकांत सिंह, संजय कुमार ठाकुर, देवेन्द्र गिरि, रामजी गिरि, दिनदयाल गिरि आदि लोग उपस्थित थे।