
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों ने देश और विदेश में प्रतिष्ठा अर्जित की है। वे चाहते है कि वर्तमान छात्र उनसे प्रेरणा लें और महसूस करें कि इस विश्वविद्यालय में उनका भविष्य सुरक्षित और उज्जवल है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय प्रथम पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह सह स्नातकोत्तर छात्र संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ पीएस पाण्डेय ने उक्त बातें कही।
समारोह में विश्वविद्यालय के सौ से अधिक पूर्ववर्ती छात्रों व उनके परिजनों की मौजूदगी में अतिथियों के स्वागत–सम्मान, के उपरांत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत प्रसारण के बाद अपने संबोधन में कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में पहली बार पूर्ववर्ती छात्रों का मिलन समारोह और पीजी स्टूडेंट कान्क्लेव एक साथ आयोजित किया जा रहा है ताकि वर्तमान और पूर्ववर्ती छात्र एक दूसरे के करीब आ सकें।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का आयोजन विशेष रूप से भारत के पहले राष्ट्रपति देश रत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद के जन्म दिवस पर किया जा रहा है क्योंकि यह विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस भी है और इसी दिन कृषि शिक्षा दिवस भी है।
अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और कहा कि लाइब्रेरी पूरी तरह डिजिटल और आटोमेटेड हो गई है और अब छात्र कहीं से भी लाइब्रेरी की सभी सुविधा का लाभ ले सकते हैं। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को लर्न, अर्न एवं रिटर्न के लिए प्रेरित करता है।
आज विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र विश्वविद्यालय में रिटर्न के लिए आये हैं यह हम सभी केलिए गर्वानुभूति कराने वाला पल है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र देश के विभिन्न राज्यों ही नहीं दूसरे कई देशों में कार्य कर रहे हैं। इसलिए पूर्ववर्ती छात्र संघ का विभिन्न राज्यों और देशों में जल्द ही चैप्टर बनाया जायेगा।
इस दौरान कुलपति डॉ पांडेय ने पूसा के इतिहास के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और कहा कि यह क्षेत्र कृषि शिक्षा और अनुसंधान का तीर्थ स्थल है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के भूतपूर्व छात्र और पूर्व कुलपति डॉ गोपाल जी त्रिवेदी ने वर्तमान कुलपति डॉ पांडेय को इस आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इतने साल बीत गए लेकिन किसी ने पूर्ववर्ती छात्रों के बारे में ध्यान नहीं दिया था। इस दौरान डॉ त्रिवेदी ने विश्वविद्यालय को तीन लाख रुपए दान देने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सीइओ एवं महानिदेशक कल्याण कुमार, झारखंड से पधारे जटाशंकर चौधरी, कैमूर जिला के वर्तमान जिलाधिकारी सुनील कुमार ने विश्वविद्यालय में बिताए दिनों की यादें साझा करते हुए अपनी सफलताओं का श्रेय विश्वविद्यालय और यहां के शिक्षकों को दिया और कहा कि आज महसूस हो रहा है कि यहां एक छोटा भारत बसता है।
इसके पूर्व विश्वविद्यालय में सभी पूर्ववर्ती छात्रों और उनके परिजनों को अंगवस्त्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्रों के सम्मान में एलुमनाई पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
अंत में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ पीएल गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि नए छात्रों को पूर्ववर्ती छात्रों से प्रेरणा लेनी चाहिए। पीजी स्टूडेंट कान्क्लेव का आयोजन एक अच्छी सुख और सुंदर प्रयास है।
उन्होंने शोध प्रक्रिया की चर्चा करते हुए कहा कि शोध में पब्लिकेशन को लेकर की तरह की समस्या आ गई है। ऐसे में पब्लिकेशन को अनिवार्य बनाने पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है ताकि, सिर्फ प्रोमोशन के लिए लोग शोध न किए जाए बल्कि अपने जुनून और नवोन्मेषी अन्वेषण के लिए शोध हो।
उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ पांडेय ने पिछले तीन वर्षों में शिक्षा अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। विश्वविद्यालय के दीक्षारंभ कार्यक्रम को पूरे देश में लागू कर दिया गया है जोकि अपने आप में एक मिसाल है।
कार्यक्रम का संचालन डा अंजनी कुमारी सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपकुलसचिव डॉ सतीश कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् से हुई और समापन राष्ट्र गान से हुआ।
कार्यक्रम के दौरान डीन पीजीसीेेे ए डॉ मयंक राय, निदेशक शिक्षा डा उमाकांत बेहरा, स्कूल आफ़ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डॉ रामदत्त, लाइब्रेरियन डॉ राकेश मणि शर्मा, डॉ कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक पदाधिकारी, छात्र तथा पूर्ववर्ती छात्रों एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।