
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। ज्ञान अर्जित करने की न कोई उम्र होती है न सीमा। कुलपति डॉ पीएस पांडेय स्वयं पुस्तक प्रेमी हैं और वे छात्रों, में भी पुस्तक प्रेम विकसित करना चाहते हैं। इसीलिए इतने वृहत स्तर पर पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह कई मायनों में सुखद संकेत हैं।
कुलाधिपति डॉ पीएल गौतम ने डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन एवं स्नातकोत्तर छात्र संगोष्ठी के दूसरे दिन स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि छात्र, शोधार्थी, वैज्ञानिक सभी की जिज्ञासाओं को शांत करने और ज्ञान वर्धन में उपयोगी सिद्ध होगा।
वहीं कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि पुस्तकें हमारे जीवन को संवारती है। पुस्तको में ज्ञान का खजाना छुपा है। जो चाहे जितना चाहे इस खजाने से अपने लिए ज्ञान अर्जित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों की हजारों पुस्तकें हैं। लेकिन फिर भी छात्रों और शिक्षकों के मन में जिज्ञासा रहती है कि विभिन्न विषयों में किस तरह की पुस्तकें प्रकाशित हो रही है। इस ज्ञानवर्धन में भी यह प्रदर्शनी सहायता करेगी।

कृषि एवं संबंधित क्षेत्र से जुड़ी किताबो को खरीदने के लिए छात्रों को कोई मुश्किल नहीं हो इसलिए देश भर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों को इस प्रदर्शनी में बुलाया गया है जिसमें देशी विदेशी लेखकों की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। छात्र और शिक्षक एक ही जगह से अपने लिए पुस्तक खरीद सकते हैं।
विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राकेश मणि शर्मा ने बताया कि इस प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों से कृषि एवं कृषि से संबद्ध क्षेत्रों में पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के पचास हजार से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। पुस्तक प्रदर्शनी दो दिनों तक चलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में लगभग कृषि से संबंधित सभी विषयों की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2016 के बाद पहली बार कुलपति के विशेष निर्देश पर इस पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसकी सफलता को देखते हुए आने वाले समय में इसे हर साल आयोजित करने पर विचार किया जायेगा।
पुस्तक प्रदर्शनी के दौरान डीन पीजीसीेेेेे ए डॉ मयंक राय, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ महेश कुमार डॉ कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे ।