नए साल में होगी शिक्षकों की नई तबादला नीति लागू

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क पटना। शिक्षा विभाग नए साल में शिक्षकों को नई तबादला नीति का तोहफा देने की तैयारी में जुट गया है। इसके लागू होने से सूबे के करीब 79 हजार स्कूलों के लगभग 6 लाख शिक्षकों को गृह जिले में पदस्थापन के मौका मिल जाएगा।
जी हां! विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की नई नीति नए साल में लागू होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग शिक्षक स्थानांतरण नियमावली को संशोधन के साथ अंतिम रूप दे रहा है। इस नई नियमावली में शिक्षकों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि एक माह के अंदर शिक्षा विभाग इस नियमावली को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट को भेज देगा।
विगत कई वर्षों से शिक्षकों के तबादले को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने से परेशानी हो रही थी। इस साल सवा लाख से अधिक शिक्षकों को जिला और प्रखण्ड स्तर पर तबादला को किया गया, लेकिन इसके लिए कई तरह के अलग-अलग आदेश जारी किए गए।
तबादला मामले में शिक्षा विभाग पर न्यायालय में काफी संख्या में केस भी दर्ज किए गए। विभागीय अधिकारी मानते हैं कि शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए ठोस नियमावली नहीं होने से तबादला को लेकर मुकदमे हो रहे हैं, साथ ही स्कूलों में पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रख कर शिक्षकों की सुविधा को देखते हुए नई तबादला नीति बनाई गई है।
जानकार बताते हैं कि, पहले शिक्षा विभाग विधानसभा चुनाव के पहले ही तबादला नीति को कैबिनेट से मंजूरी दिला कर लागू कराना चाहती थी, लेकिन नियमावली के कुछ बिंदुओं पर शिक्षक संघों की आपत्ति के कारण इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। अब शिक्षा विभाग आपत्ति वाले बिंदुओं पर विमर्श के साथ नियमावली तैयार कर रहा है।
नई नियमावली की अधिसूचना जारी होने के बाद ही शिक्षकों से स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लिये जाएंगे। इसकी सूचना बाद में दी जाएगी। स्थानांतरण के लिए भौतिक रूप से आवेदन पत्र जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा।
नई स्थानांतरण नियमावली में प्रावधान किया गया है कि नियुक्ति के पांच साल तक शिक्षकों को तबादला का मौका नहीं मिलेगा। हालांकि गंभीर रूप से बीमार और अन्य महत्वपूर्ण कारण की स्थिति में ही नियुक्ति के पांच साल पूरा होने के पहले ऐच्छिक तबादला किया जा सकता है।
वर्तमान में करीब एक लाख से अधिक शिक्षक अंतरजिला और जिला के अंदर तबादला चाह रहे हैं। लेकिन कुछ खास मामलों को छोड़कर बड़े पैमाने पर तबादला नई नियमावली के लागू होने के बाद ही होगा।