
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “जब देश गुलामी का दंश झेल रहा था और भारतीय संस्कृति को लोग भूलने लगे थे, उस समय विवेकानंद जी ने शिकागो में आयोजित सर्व धर्म सभा में पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति के महत्व से परिचित कराया था। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।”
एनएसएस द्वारा आयोजित संगोष्ठी को प्राचार्य ने किया संबोधित :
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर स्थानीय संत कबीर महाविद्यालय के एनएसएस इकाई द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय विकास में युवाओं की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक डाॅ. शिवशंकर राय ने विवेकानंद के जीवन और विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में और अधिक प्रासंगिक बताते हुए उक्त बातें कही।
स्वामी जी ने किए कई आदर्श स्थापित :
संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि, प्रत्युत्पन्नमतित्व, गुरु भक्ति, वाक चातुर्य, बुद्धिमत्ता और संवाद कौशल के धनी स्वामी जी ने युवाओं केलिए कई आदर्श स्थापित किए हैं जिनका अनुसरण करना चाहिए।
प्राध्यापकों ने भी किया संबोधित :
अपने संबोधन में डॉ. संतोष कुमार ने उनके जीवन और विचारों को छात्रों के लिए अनुकरणीय बताते हुए उनको उनकी सामाजिक जिम्मेदारी और देश के प्रति दायित्व का अहसास कराया।
वहीं डॉ. सुबोध कुमार एवं डॉ. संजय कुमार ने उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने के लिये संकल्प लेने का आह्वान किया।
संगोष्ठी को प्रो. हेमलता कुमारी, प्रो कुमकुम, प्रो. विजय कुमार विमल, प्रो. चित्त नारायण यादव और प्रो. दिलीप कुमार पांडे ने भी संबोधित किया।
युवा दिवस का उद्देश्य :
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित इस संगोष्ठी का संचालन करते हुए महाविद्यालय एनएसएस इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार ने कहा कि, “राष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करना है। स्वामी जी के विचारों को अपना कर छात्र अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
धन्यवाद ज्ञापन :
संगोष्ठी का समापन करते हुए प्रो राम लोचन महतो ने संगोष्ठी में सहभागिता के लिये प्राध्यापकों और छात्र- छात्राओं को धन्यवाद दिया।