
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “युवावस्था चिंतन की एक अवस्था होती है, जिसमें देश दुनिया को नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता होती है। अतः संसार के महान चिंतक युवाओं के प्रेरणा स्रोत, संत शिरोमणि, युग दृष्टा, रामकृष्ण मिशन और बेलूर मठ जैसे संस्थानों के संस्थापक स्वामी विवेकानंद आज भी स्मरणीय और वंदनीय हैं।”
सदैव सीख लेने की जरूरत :
प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला पंचरुखी में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने अपने संबोधन में उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि स्वामी जी जीवन से हमें सदा सीख लेने की जरूरत है।
बताते चलें कि बेला पंचरुखी मध्य विद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में समारोह पूर्वक मनाई गई।
आरंभ व विषय प्रवेश :
शिक्षिका विमला कुमारी एवं इंदिरा कुमारी के भजन गायन के साथ आरंभ समारोह में विषय प्रवेश कराते हुए शिक्षक शिव शंकर प्रसाद ने स्वामी विवेकानंद को विश्व का महानतम आध्यात्मिक विभूति बताया। समारोह का संचालन शिक्षक विनय सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन संजीव कुमार झा ने किया।
अतिथि ने कहा :
मुख्य अतिथि उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक महिपाल ने कहा कि युवावस्था में किए गए कार्य और ऊर्जा समाज को नई दिशा देती है, जिसकी प्रेरणा हमें स्वामी जी के जीवन चरित्र से प्राप्त होता है।
बच्चों व शिक्षकों ने विस्तार से की चर्चा :
इस अवसर पर शिक्षक किरण कुमारी,बीबी शकील रहमान, अर्चना कुमारी, खुशबू कुमारी, विमल कुमार साह, अनंत कुमार यादव, यशवंत चौधरी, छात्रा अंजनी कुमारी एवं प्राची कुमारी ने स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कई शिक्षक व बच्चे थे मौजूद :
मौके पर शिक्षक कैलाश राम, विभा कुमारी, सुधा रानी, शबनम कुमारी, मनीषा भारद्वाज, दिवाकर कुमार सिंह आदि ने सहयोग किया।