
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जिला मुख्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में बुधवार को “कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (प्रतिषेध, निवारण और अधिनियिम)” विषयक एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।
डीडीसी व पदाधिकारियों ने किया उद्घाटन :
सरकारी एवं निजी कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने तथा संबंधित कानून के प्रावधानों के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूक करने उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह सहित पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया।
जागरूकता से ही आएगा बदलाव :
प्रशिक्षण सह कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि “महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून तो बने हैं, लेकिन जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण इनका पूर्ण लाभ लक्षित समूह को नहीं मिल पाता है। इसलिए कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव और यौन उत्पीड़न के विरुद्ध बने नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार अनिवार्य है। इस कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि सभी कार्यालय प्रधान और कर्मचारी कानून की बारीकियों को समझें ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को शून्य पर लाया जा सके।”
कानूनी जानकारी: इस दौरान विधि विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं ने अपने संबोधन में संबंधित अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला।
आंतरिक शिकायत समिति (ICC): कार्यस्थलों पर ‘आंतरिक शिकायत समिति’ के गठन की अनिवार्यता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी व प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, पीड़ित महिला को मिलने वाली कानूनी सहायता और दोषी के विरुद्ध की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस महत्वपूर्ण सत्र में जिले के कई वरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
भयमुक्त वातावरण तैयार करने का निर्देश :
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) सुनीता कुमारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णु देव मंडल सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान, अधिवक्ता और विधि विशेषज्ञ शामिल थे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने कार्यालयों में इस अधिनियम का कड़ाई से पालन करने और एक भयमुक्त वातावरण तैयार करने का निर्देश दिया गया।