
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। धर्म जब तक हृदय में रहता है तब तक मनुष्य का आत्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना विकास होता है। लेकिन वही धर्म जब मस्तिष्क तक पहुँच जाय तो विनाश का आधार बन जाता है। इसलिए युवाओं के हृदय में सर्वधर्म समभाव की भावना विकसित करने की आवश्यकता है। स्वामी विवेकानंद के ये विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर आयोजित समारोह के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शशि भूषण कुमार ´शशि` ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि “स्वामी विवेकानंद का व्यक्तित्व आज भी हमारे लिए प्रेरणा-स्रोत है। हमें उनके विचारों को आत्मसात करना चाहिए। उनका मानना था कि धर्म का उद्देश्य समन्वय होना चाहिए न कि अलगाव।”
बताते चलें कि, सोमवार को समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर एनएसएस कॉलेज इकाई के तत्वावधान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्राचार्य व प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ´शशि` की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इसी क्रम में डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं एन.सी.सी के द्वारा शैक्षणिक रैली, भाषण एवं पैंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्राचार्य ने हरी झंडी दिखा कर रैली को रवाना किया।
युवाओं के प्रति स्वामी विवेकानंद का दृष्टिकोण :
तत्पश्चात, “युवाओं के प्रति स्वामी विवेकानंद का दृष्टिकोण” विषय पर आधारित भाषण प्रतियोगिता में छात्र- छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचार और आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त किए।
युवा : हरित भविष्य के लिए :
वहीं, “युवा : हरित भविष्य के लिए” विषय पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत में युवाओं की प्रतिबद्धता को कैनवास पर उकेरा।
निर्णायक मंडल ने की सराहना :
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में शामिल हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी, रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह एवं डॉ अपराजिता राय, सहायक प्राध्यापिका, हिन्दी विभाग सभी प्रतिभागियों का मूल्यांकन करते हुए उनके प्रतिभा कौशल की हम कर सराहना की। इस दौरान उन्होंने छात्र- छात्राओं को स्वामी जी के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को समापन समारोह के अवसर पर प्रधानाचार्य द्वारा सम्मानित किया जायेगा।
राष्ट्रीय गीत के साथ समापन :
डॉ. राहुल मनहर एवं डॉ. कविता रावत के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक राम कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ कविता रावत ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।