
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 ओईनी। ”कला कोई भी हो मनुष्य को संवेदनशील बनाती है। इस तरह की कार्यशालाएं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने में महती भूमिका निभाती हैं।”
सबको सीखनी चाहिए कम से कम एक कला :
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक राम कुमार मिश्र ने मंगलवार को स्थानीय शारदा सावित्री अनिल संगीत महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “मनुष्य को जीवन में कम से कम एक कला अवश्य सीखनी चाहिए।
कार्यक्रम :
बताते चलें कि, हर साल की तरह इस साल भी शारदा सावित्री अनिल संगीत महाविद्यालय में कजरी, कत्थक तथा मिथिला पेंटिंग की पांच दिवसीय निःशुल्क कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। आगामी 06 जून तक सुबह 8 बजे से 11:30 बजे तक चलने वाली इस कार्यशाला में बच्चों को कजरी गायन, कत्थक नृत्य एवं मिथिला पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्घाटन :
इस अवसर पर सर्वप्रथम करतल ध्वनि के बीच महाविद्यालय के सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राम कुमार मिश्र, विशिष्ट अतिथि रामचंद्र हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक सह मुख्य चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिंह, आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन किया।
स्वागत :
तत्पश्चात महाविद्यालय की छात्राओं अनामिका और नेहा के राग चंद्रकौंस आधारित गुरु वंदना ‘मोहे लागी लगन गुरु चरणन की’ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए स्वागत गान किस तरह से नमन मैं करु आपका स्वागतम स्वागतम से अतिथियों का स्वागत किया।

प्रस्तुति :
मिथिला रत्न कृष्ण कुमार कन्हैया ने महाकवि विद्यापति के बाद सबसे अधिक लोकप्रिय मिथिला के प्रसिद्ध आसु कवि स्नेहलता रचित कजरी ‘सखी हे आब कोना घर जायब मेघवा रिमझिम बरसे ना’ गाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
प्रशिक्षण :
पांच दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन कार्यशाला में करीब 200 छात्राओं ने हिस्सा लिया। जिसमें कत्थक गुरु नयन प्रिया ने छात्राओं को नमस्कार, व ततकार, तथा श्री कन्हैया ने कजरी गाने का प्रशिक्षण दिया। वहीं मशहूर चित्रकार किशोर ब्रजेंद्र और अंजना शर्मा ने छात्राओं को मिथिला चित्रकला के प्रारंभिक चरण का प्रशिक्षण के तहत विभिन्न प्रकार की लकीरें खींचना सिखाया।
उपस्थिति :
मौके पर रूपेश कुमार, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मधुमाला, कृष्ण कुमार, श्याम कुमार झा, तबला वादक भोला दास, रौशन कुमार, संतोष कुमार, मनोरंजन झा, संतोष कुमार, गंगोत्री कुमार, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रभात कुमार तुलसी ने किया।
उद्देश्य :
अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉक्टर सुनील कुमार सिंह ने आयोजन के उद्देश्य पर चर्चा की और कहा कि, आधुनिक शिक्षा के दौर में बच्चे अपनी सांस्कृतिक धरोहरों व परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। यही कारण है कि, समाज में कई चीजें असहज करती हैं। नई पीढ़ी समाज कला के क्षेत्र में आगे बढ़े, हमारी कला संस्कृति पुनः समृद्ध हो सामाजिक विसंगतियां दूर हों इन्हीं सोच के तहत आयोजित है यह कार्यशाला।