
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस व कृषि शिक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन सह स्नातकोत्तर छात्र संगोष्ठी के दूसरे दिन लगभग तीन सौ से अधिक शोध पत्र की प्रस्तुत किए गए।
शोध पत्र प्रस्तुति के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न कालेजों में एक साथ तकनीकी सत्र आयोजित किये गये। सभी तकनीकी सत्रों में शोध प्रस्तुति में प्रथम स्थान पाने वाले छात्रों को सर्टिफिकेट, मेडल एवं पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
इसके पूर्व कुलपति डॉ पाण्डेय सहित आगत अतिथियों का स्वागत सम्मान, कुलगीत प्रसारण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ पूर्ववर्ती छात्रों के दो दिवसीय सम्मेलन एलुमनी मीट का शुभारंभ हुआ। मीट के दूसरे दिन पूर्ववर्ती छात्रों और उनके परिजनों को विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों और विभागों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने मिथिला के व्यंजन और नाश्ता में मरीचा धान के चूडा दही का आनंद लिया।
पूर्ववर्ती छात्रों के सम्मान में विश्वविद्यालय के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जिसमें विभिन्न राज्यों के के गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्र सुबोध कुमार, डॉ नीरज कुमार आदि ने कहा कि विश्वविद्यालय में विविधता की एकजुटता दिखा रही है आज विश्वविद्यालय एक परिसर में बसा छोटा भारत बन गया है।
उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह हमारे लिए अद्भुत और अविस्मरणीय अहसास है। हमें गर्वानुभूति हो रही है कि हमारा अतीत कृषि शिक्षा और अनुसंधान के इस तीर्थ और आज के लघु भारत से जुड़ा है।
कुलपति डॉ पांडेय के मन में विश्वविद्यालय के विकास को लेकर एक पूर्ण विकसित प्लान है। अगर उन्हें सबका अपेक्षित सहयोग मिलेगा तो आने वाले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।