
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “जाने कहां से कहां आ गए हम। कहां जा रहा है हमारा समाज। जिसमें सामाजिक रिश्ते छोड़िए परिवार में कोई रिश्ता ऐसा नहीं बचा जिसके साये में बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस करें।”
युवा नेत्री व समाजसेवी चेतना झांब ने बुधवार को रिश्तों को तार तार करने वाले एक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता से मुलाकात की दौरान संवाददाता उक्त बातें कही ।
सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी :
उन्होंने कहा कि, “हमारे देश में बेटियों को पूजने की परंपरा है, हमारी मान्यता रही है कि, बेटियां पूरे समाज की जिम्मेदारी होती है। मगर अब तो बेटियां परिवार में भी सुरक्षित नहीं हैं। ऊपर से पीड़ित परिवार पर समाज के द्वारा समझौते का दबाव बनाया जाना, और कानून के रक्षकों की संवेदनाहीन भाव शून्यता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, तथा संवैधानिक, लोकतांत्रिक व सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी हैं।”
नाना नातिन का पवित्रतम रिश्ता हुआ तार–तार :
बताते चलें कि, जिले के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित विक्रमपुर बांदे पंचायत में एक नाबालिग बच्ची के साथ सबसे पवित्र रिश्ता नाना कहे जाने वाले वाले बुजुर्ग द्वारा दुष्कर्म का वीडियो वायरल होने से क्षेत्र में सनसनी फैला दी। खबर है कि घटना के बाद पीड़िता और वीडियो बनाने वाले को चुप रहने वरना जान से मारने की धमकी दी जा रही है और पीड़िता के परिजनों पर कुछ रुपए लेकर मामले को रफा–दफा करने का दबाव भी डाला जा रहा है।
चेतना झांब ने की पीड़िता व परिजनों से मुलाकात :
घटना की जानकारी मिलते ही युवा नेत्री व समाजसेवी चेतना झांब ने बुधवार को पीड़िता और उसके परिवार के लोगों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहयोग और न्याय का भरोसा दिलाया।
सामाजिक मानसिकता और संवेदनहीनता का आईना :
इस अवसर पर संवाददाता से बात करते हुए उन्होंने घटना को अत्यंत निंदनीय, अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाला बताया और कहा कि, “यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि हमारी विद्रुप हो रहे सामाजिक मानसिकता और संवेदनहीनता का आईना भी है।
दुष्कर्मी को बचाने का प्रयास हाहाकारी :
श्रीमती झांब ने कहा कि, “यह अंतर्मन को झकझोर देने वाला है कि, नाना जैसा रिश्ता भी अब भरोसे के योग्य नहीं रह गया। उससे भी हाहाकारी है स्थानीय स्तर पर समाज के प्रभावशाली लोगों का पीड़िता के साथ खड़ा नहीं होकर दुष्कर्मी को बचाने का प्रयास करना। जिनके दबाव के कारण इस अति गंभीर व संवेदनशील मामले में प्रशासनिक कार्रवाई में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है।”
दुष्कर्मी को बचाना और पीड़िता को धमकाना चिंताजनक :
उन्होंने कहा कि, “अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना, पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा न मिल पाना और दुष्कर्मी को बचाने केलिए पीड़िता को समाज के लोगों द्वारा धमकाना बेहद चिंताजनक है।”
गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग :
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने आरक्षी अधीक्षक अरविन्द प्रताप सिंह एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय पाण्डेय से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस क्रम में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है।
सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करनी होगी तत्काल एवं कठोर कार्रवाई :
उन्होंने कहा कि, “इस तरह के जघन्य अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए प्रशासन को पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तत्काल एवं कठोर कार्रवाई करनी होगी।”