
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24डेस्क समस्तीपुर। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के तहत निष्पक्ष, निर्विवाद, एवं पारदर्शी चुनाव केलिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता अब प्रत्यक्ष रूप में दिखाई पडने लगी है।
बताते चलें कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशानुसार जिले के सभी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे सभी अभ्यर्थियों एवं उनके अभिकर्ताओं से कमीशनिंग प्रक्रिया के प्रति संतुष्टि का प्रमाणपत्र (Testimonial) तैयार कर लें।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि कमीशनिंग की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न होनी चाहिए। इस प्रक्रिया में उपस्थित प्रत्येक अभ्यर्थी और उनके अधिकृत अभिकर्ता से यह लिखित रूप में प्राप्त किया जाए कि वे कमीशनिंग की पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट हैं।
समस्तीपुर जिले में 6 नवंबर को मतदान निर्धारित है।
इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), बिहार के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने आवश्यक निर्देश जारी करते हुए कहा है कि EVM की कमीशनिंग प्रक्रिया में उपस्थित अभ्यर्थियों अथवा उनके प्रतिनिधियों के वीडियो टेस्टीमोनियल अनिवार्य रूप से बनाए जाएं।
उन्होंने बताया कि वीडियो टेस्टीमोनियल में यह उल्लेख होना चाहिए कि,
कमीशनिंग उनकी उपस्थिति में हुई, सभी मशीनों में चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक-एक वोट डालकर मॉक पोल किया गया। इसके पश्चात उनके द्वारा 5% EVM एवं VVPAT का रैंडम चयन कर उनमें 1000 वोट डालकर मॉक पोल की प्रक्रिया में भाग लिया गया। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रही और उन्हें इस पर पूर्ण विश्वास है।
श्री कुशवाहा ने यह भी निर्देश दिया कि टेस्टीमोनियल के बैकग्राउंड में EVM दिखाई नहीं देनी चाहिए। उन्होंने सभी रिटर्निंग ऑफिसरों (ROs) को निर्देशित किया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में कमीशनिंग व मॉक पोल जारी है, वहां अभ्यर्थियों या प्रतिनिधियों के वीडियो टेस्टीमोनियल रिकॉर्ड कर उन्हें जिले के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किया जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनविश्वास को और सुदृढ़ किया जा सके।
उक्त निर्देश के आलोक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी के निर्देशन में उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार ने सभी आरओ को कहा है कि वे निर्वाचन आयोग के मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें और संबंधित दस्तावेजों को समय पर सुरक्षित रखें।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या आपत्ति होने पर उसे तत्काल दर्ज कर समाधान किया जाए, ताकि आयोग की भावना के अनुरूप पूरी प्रक्रिया निर्विघ्न और निष्पक्ष रूप से पूरी की जा सके।