
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 ओईनी। थाना क्षेत्र स्थित ठहरा में सामुदायिक जागरूकता और त्वरित हस्तक्षेप के कारण एक 13 वर्षीय बालिका का विवाह टाल दिया गया, और इस तरह एक मासूम का बचपन बाल विवाह का शिकार होने से बच गया।
पिता का शादी करने पर जोर :
इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार ओईनी थाना क्षेत्र के ठहरा निवासी शंकर महतो ने गरीबी और सामाजिक दबाव के कारण रूपा कुमारी (13 वर्ष), की शादी तय कर दी थी। “एक्सेस टू जस्टिस” कार्यक्रम के तहत आयोजित एक सामुदायिक बैठक के दौरान इसकी भनक लगने पर एक्सेस टू जस्टिस टीम जब रूपा के घर पहुंची, तो बालिका ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि, वह अभी पढ़ाई करना चाहती है और भविष्य में कुछ बनना चाहती है। लेकिन उसके पिता शादी करने पर जोर दे रहे हैं।
विशेष बैठक आयोजित :
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र को दी गई। इसके बाद केन्द्र की टीम, स्थानीय सरपंच एवं ग्रामीणों के साथ संयुक्त रूप से एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल अधिकारों, बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के साथ-साथ बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
बालिका का बचपन और भविष्य सुरक्षित :
जागरूकता के प्रभाव से रूपा के परिजनों में कानून के प्रति समझ और भय दोनों उत्पन्न हुआ। अंततः परिवार ने बाल विवाह से पीछे हटते हुए सामाजिक रूप से शपथ ली कि वे रूपा की शादी तब तक नहीं करेंगे जब तक वह अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो जाती। इस संबंध में एक लिखित वचन पत्र भी भरा गया। इस प्रकार सामाजिक संगठनों और समाज के संयुक्त प्रयास से न केवल एक बाल विवाह रोका गया, बल्कि एक बालिका का बचपन और उसका भविष्य भी सुरक्षित किया गया।