
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क पटना। अब बिहार के मेधावी छात्र-छात्राओं को “भारत दर्शन” कराएगी बिहार सरकार। जी हां! सरकार ने सूबे के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े स्थानों पर ले जाने की योजना है।
जानकार सूत्रों के मुताबिक इसके लिए शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि जल्द कैबिनेट से स्वीकृति मिलने पर यह योजना लागू हो जाएगी।
सूत्रों की माने तो इस योजना के तहत प्रत्येक जिले से 50 मेधावी छात्रों को भारत दर्शन का मौका मिलेगा। यानी 38 जिलों से कुल 1900 छात्र–छात्राओं को भारत दर्शन के लिए ले जाया जाएगा।
इस योजना पर होने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। माना ये जा रहा है कि इससे उन्हें देश के इतिहास, संस्कृति, विविधता पूर्ण सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से रु ब रु होने के साथ–साथ उनसे जुड़े तथ्यों को समझने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों का शैक्षणिक, और बौद्धिक विकास होगा।
साथ ही इससे बच्चों में आत्म विश्वास बढ़ेगा और वे अपनी संस्कृति और सांस्कृतिक परंपरा के प्रति जागरूक व संवेदनशील बनेंगे।
विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों का एक दल और गाइड के भी होगा। गाइड उन्हें विभिन्न स्थलों की महत्ता और विशेषता की जानकारी देंगे और बच्चों की जिज्ञासा भी शांत कराएंगे।
इस शैक्षणिक परिभ्रमण में अधिकतर रेल और सड़क मार्ग का उपयोग किया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर हवाई मार्ग से भी बच्चों की भजा जाएगा।
वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना चलायी जा रही है। इसके तहत एक स्कूल से बच्चों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों पर भ्रमण कराने के लिए 20 हजार रुपए आवंटित किए जाते हैं।
परिभ्रमण योजना के तहत बच्चों को बिहार संग्रहालय, संजय गांधी जैविक उद्यान, राजगीर और विक्रमशीला विश्वविद्यालय जैसे स्थानों पर ले जाया जाता है। स्कूल परिभ्रमण योजना पर सालाना लगभग 6-7 करोड़ की राशि खर्च होती है। प्रत्येक स्कूल के बच्चों को रोटेशन में परिभ्रमण पर ले जाया जाता है।