
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 विद्यापतिनगर। मिथिलांचल के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर श्री बालेश्वर स्थान विद्यापतिधाम मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले श्रावणी मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर मंदिर न्यास समिति एवं सामाजिक प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल ने उपमुख्यमंत्री बिहार सरकार विजय कुमार चौधरी से बुधवार को मुलाकात की और मांग पत्र सौंपते हुए विद्यापतिधाम की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता की ओर ध्यानाकर्षण कराया।
शिष्टमंडल :
शिष्टमंडल का नेतृत्व श्री बालेश्वर स्थान (विद्यापतिधाम) मंदिर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष रत्न शंकर भारद्वाज ने किया। उनके साथ यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष पदमाकर सिंह लाला, कार्यकारी अध्यक्ष राजा सिंह,चंदन कुमार भोला, ऋतिक कुमार भी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र :
प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि विद्यापतिधाम को मिथिलांचल का देवघर कहा जाता है। यह स्थल भक्त और भगवान के मिलन की पावन भूमि के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि महाकवि विद्यापति की भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान शिव यहां प्रकट हुए थे। इसी कारण यह मंदिर मिथिला ही नहीं, बल्कि बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
स्वतः खुल जाएंगे स्वरोजगार के कई द्वार :
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि, “श्रावण मास में यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। बावजूद इसके मेले को अब तक राज्यकीय दर्जा नहीं मिल सका है। राजकीय मेला घोषित होने से इस स्थान का कायाकल्प हो जाएगा और, इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तो स्वरोजगार के कई द्वार स्वतः खुल जाएंगे।
आधारभूत सुविधा और संरचना की मांग :
साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने विद्यापति धाम में आधारभूत सुविधाओं यथा पेयजल, शौचालय, स्नानागार, चिकित्सा शिविर एवं एम्बुलेंस सेवा, पर्याप्त पुलिस बल, महिला सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग स्थल, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने, अस्थायी विश्राम स्थल, जगह-जगह तोरण द्वार तथा सूचना एवं सहायता केंद्र के साथ ही कावरियों के लिए सांस्कृतिक धार्मिक कार्यक्रम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
दिया आश्वासन :
उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने मांग को गंभीरता से सुन कर संबंधित स्तर पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने आशा जताई कि सरकार विद्यापतिधाम की ऐतिहासिक पहचान और जनभावनाओं को देखते हुए इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेगी।