
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। दिनेश कुमार, सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार,बिहार के ज्ञापांक – 4206 दिनांक – 22/11/25 एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के ज्ञापांक – 2626 दिनांक – 25/12/25 के द्वारा, वरीयता का पत्र निर्गत कर वरीयता का निर्धारण करते हुए क्रमशः नियोजित शिक्षक को वरीय एवं उसके बाद विशिष्ट शिक्षक और तदुपरांत बीपीएससी TR -1, बीपीएससी TR-2 एवं बीपीएससी TR- 3 को वरीय मानते हुए उन्हें विद्यालय की स्थापना विवरणी मांगते हुए वरीय को अविलम्ब प्रभार सौंपने का आदेश दिया था।
प्रधानाध्यापकों की मनमानी :
सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार और जिला शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर के आदेश के लगभग डेढ़ माह से अधिक बीत जाने के बाद भी, प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय की पदस्थापना विवरणी न तो भेज रहे है और न ही अपने से वरीय शिक्षक को प्रभार सौंपने के आदेश का तामिला करने में सहयोग कर रहे है और न ही जिला शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर, उनपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से समुचित दबाब बना कर अपने शिक्षा विभाग के सचिव के आदेशानुसार सभी विद्यालय प्रधान से निश्चित अवधि में स्थापना विवरणी मंगा कर वरीय शिक्षको को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाने में कोई दिलचस्पी ले रहे है।
प्रभार के फेर में अव्यवस्था :
जिससे कनीय प्रधान के नेतृत्व में कार्य कर रहे वरीय शिक्षक असहज महसूस कर रहे है। कई विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक के स्थानांतरण हुए छः माह से अधिक हो जाने के बाद भी उन्होंने अपना प्रभार अभी तक नहीं सौंपा है। जिससे विद्यालय में अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
‘पूर्व के विद्यालय से स्वतः विरमित’ वाले वाक्य का खामियाजा :
विगत दिनों स्थानांतरण में शिक्षा विभाग ने यह आदेश दिया था की नव पदस्थापित विद्यालय में योगदान के साथ ही पूर्व के विद्यालय से स्वतः विरमित समझे जायेंगे, इस आदेश का उपयोग कुछ शिक्षको एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक ने अपने पूर्व के पदस्थापित विद्यालय के हितों को नजरंदाज करते हुए निजी हित में किया। जिससे समस्तीपुर ही नही सम्पूर्ण बिहार में पूर्व के पदस्थापित विद्यालय का प्रभार शिक्षको एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा आधे से एक वर्ष पूर्व से लम्बित है। जिससे की सरकार एवं शिक्षा विभाग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नीति और शिक्षा विभाग द्वारा संचालित कई छात्र उपयोगी योजनाएं प्रभावित हो रही है।