
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 जाले। कृषि विज्ञान केन्द्र, जाले, दरभंगा परिसर पर पांच दिवसीय ‘सब्जी पौध नर्सरी उत्पादन एवं प्रबंधन’ विषयक प्रशिक्षण सोमवार को प्रारंभ हुआ। जिसमें दरभंगा जिला के विभिन्न प्रखंडों जैसे सिंहवाड़ा, तारडीह, जाले, दरभंगा सदर, हायाघाट एवं अलीनगर से दर्जनाधिक युवक एवं युवतियां ने भाग लिया।
सब्जी की खेती में बढ़ी युवाओं की अभिरुचि :
केवीके जाले के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण के प्रथम दिन डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में युवाओं की रुचि बढ़ती दिख रही है जो उत्साहवर्धक है। इसी लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
रसायन मुक्त उच्च गुणवत्तापूर्ण सब्जी उत्पादन से देश की अर्थव्यवस्था में योगदान :
इस दौरान उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय, पिपराकोठी से आए सह प्राध्यापक, सब्जी विज्ञान डॉ. सुधीर दास, ने प्रशिक्षुओं को सब्जी उत्पादन के साथ साथ उसकी देश-विदेश में विपणन की भी जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि, अच्छी कृषि क्रियाओं के माध्यम से कैसे रसायन मुक्त अच्छी गुणवत्ता वाली सब्जियां उगाकर विदेशों को निर्यात किया जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान दे सकें।

खरपतवार नियंत्रण अहम :
इस क्रम में डॉ प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने नर्सरी उत्पादन में आने वाले खरपतवार एवं कीट–व्याधि नियंत्रण के साथ अच्छी कृषि क्रियाओं पर प्रकाश डाला ताकि अच्छी उपज प्राप्त हो सके।

प्रयोगात्मक तरीकों से सिखाया जाएगा अच्छी नर्सरी लगाने के गुर :
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. शेखर ने बताया कि, प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को नर्सरी उगाने के प्रयोगात्मक तरीकों से अच्छी नर्सरी लगाने के गुर सिखाए जायेंगे। केंद्र के अन्य वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न प्रकार वैज्ञानिक कृषि क्रियाओं तथा अच्छी उपज देने वाले प्रजातियों की खेती करना सिखाया जाएगा। वहीं डॉ चन्दन कुमार (प्रक्षेत्र प्रबंधक) द्वारा नर्सरी उत्पादन के लिए खेत की तैयारी के बारे में विस्तृत रूप से बताया जाएगा।