
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। आज डिजिटलाइजेशन के दौर में इंटरनेट के माध्यम से दुनिया की तमाम सुविधाएं लोगों की हथेली में उपलब्ध हैं। हालांकि, इससे कई मामलों में जिंदगी आसान हुई है किंतु निजता सहित कई मामलों में जोखिम भी बढ़े हैं।इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए समझदारी और सावधानी जरूरी है।
शहर के गौरव समस्तीपुर कॉलेज में मंगलवार की आयोजित साइबर सुरक्षा कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ‘शशि’ ने अपने संबोधन में उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक बनाना है। ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो और राष्ट्र को जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक मिल सके।
साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित :
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह 2026 के तहत मंगलवार को समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। द उम्मीद के मिशन साइबर चेतना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और डिजिटल गोपनीयता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समस्तीपुर कॉलेज एवं द उम्मीद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की आवश्यकता पर जोर :
अतिथियों के स्वागत सम्मान के बाद अतिथियों द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान वक्ताओं ने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
लालच और भय में आकर न करें गलती :
जिला साइबर थाना, समस्तीपुर के एसआई सूरज कुमार ने विद्यार्थियों को मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क करते समय सतर्क रहना चाहिए। किसी भी तरह के प्रलोभन में आने और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
साइबर अपराधियों का शिकार होने पर करें ये काम :
वहीं, एसआई राहुल कुमार ने कहा कि लालच और भय के कारण लोग अक्सर साइबर ठगी के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि साइबर अपराध होने पर बिना देर किए नजदीकी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें :
द उम्मीद के संस्थापक एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर एम्बेसडर अमरजीत कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस क्रम में उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, किसी के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारियां सार्वजनिक करने से बचना चाहिए।
श्री कुमार ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है।

शिक्षक और पुलिसकर्मी रहे मौजूद :
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शालिनी कुमारी भावसिंका ने किया। इस अवसर पर द उम्मीद के समन्वयक प्रियंशु कुमार, डॉ. अपराजिता राय, डॉ. उमाशंकर साह, डॉ. दिनेश्वर राय, डॉ. रणधीर कुमार, डॉ. जितेंद्र प्रसाद, डॉ. सर्वेश कुमार, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. रामदयाल सिंह, डॉ. विद्यानंद झा, डॉ. खुर्शीद आलम, सिपाही चंदन कुमार, सिपाही अविनाश कुमार, चालक सिपाही उपेंद्र कुमार, योगेंद्र राय, शशिशेखर प्रसाद यादव, वरुण कुमार मिश्रा सहित अन्य शिक्षक, पुलिसकर्मी और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।