टिक चार्ट और मतदाता सूची में 649, मतपत्र लेखा में 669 मतपत्र दर्ज
पूसा। दरभंगा स्नातक एमएलसी चुनाव 2026 के दौरान पूसा प्रखंड के मतदान केंद्र संख्या 60 पर मतदान के आंकड़ों में 20 मतों का अंतर सामने आने का मामला उजागर हुआ है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, टिक चार्ट और मतदाता सूची में 649-649 मतदाताओं के मतदान का हिसाब है, जबकि मतपत्र लेखा (प्ररूप-16) में 669 मतपत्र प्रयुक्त होने उल्लेख है।
तीन रिकॉर्ड, दो अलग-अलग आंकड़े :
इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता रामजी कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि, मतदान केंद्र के टिक चार्ट के अनुसार महिला एवं पुरुष मतदाताओं को मिलाकर कुल 649 मतदाताओं ने मतदान किया। मतदाता सूची में नामों के आगे लगाए गए टिक की गिनती भी 649 बताई गई है। इसके विपरीत, मतपत्र लेखा में प्रयुक्त मतपत्रों की संख्या 669 दर्ज है।

श्री कुमार ने कहा कि, इन आंकड़ों के बीच का अंतर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव के दावे पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या रिकॉर्ड तैयार करने में कोई त्रुटि हुई, या अंतर की कोई दूसरी गुप्त वजह है? इसका जवाब संबंधित चुनाव अधिकारियों को रिकॉर्ड के आधार पर देना चाहिए।
मूल रिकॉर्ड का मिलान कर जांच की मांग :
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टिक चार्ट, मतदाता सूची और प्ररूप-16 सहित सभी संबंधित मूल अभिलेखों का मिलान जरूरी है। जांच से स्पष्ट होना चाहिए कि 20 मतों का यह अंतर क्यों है और क्या निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका सत्यापन किया गया था।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही जांच के निष्कर्ष भी सार्वजनिक किए जाएं।
सिर्फ एक मतदान केंद्र का मामला या सुनियोजित हेराफेरी :
सवाल किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता का है। जब दो रिकॉर्ड में 649 और मतपत्र लेखा में 669 का आंकड़ा दर्ज है, तो इस अंतर का आधिकारिक जवाब आखिर कब मिलेगा? यहां सवाल यह भी उठता है कि यह सिर्फ एक मतदान केंद्र का मामला है या सभी मतदान केंद्रों पर सुनियोजित तरीके से यह हेराफेरी की गई? इसका जवाब कौन देगा?
