
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में दीक्षांत समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष का दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय ने समारोह की तैयारी को लेकर वरीय अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की।
25 से अधिक समितियों का गठन :
लगभग पांच घंटे से अधिक चली इस बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दीक्षांत समारोह को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए 25 से अधिक समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों, शिक्षकों और अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिनमें मंच सज्जा, अतिथि स्वागत, डिग्री वितरण, सुरक्षा, मीडिया प्रबंधन, खान पान, मंच प्रबंधन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
कुलपति स्वयं कर रहे मॉनिटरिंग :
विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में बिहार के महामहिम राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं। राज्यपाल सह कुलाधिपति के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय स्वयं सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
1000 से अधिक छात्र-छात्रा उपाधि व मेडल से होंगे सम्मानित :
इस दीक्षांत समारोह में वर्ष 2025 और 2026 में उत्तीर्ण हुए एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2025 एवं 2026 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की नई उड़ान का प्रतीक है।
दिखेगी मिथिला के सांस्कृतिक परंपराओं की झलक :
विश्वविद्यालय का प्रयास है कि छात्र कृषि शिक्षा के साथ-साथ अपनी स्थानीय संस्कृति पर भी गर्व करें। इसलिए इस बार दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण इसकी थीम होगा जो मिथिला की समृद्ध संस्कृति और परंपरा पर आधारित होगा। मंच सज्जा से लेकर स्वागत तक में मिथिला पेंटिंग और सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
दिसम्बर प्रथम सप्ताह में किसान मेला :
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दीक्षांत समारोह के बाद विश्वविद्यालय का किसान मेला भी इस वर्ष दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है। इस मेले में कृषि की नवीनतम तकनीकों, बीजों और यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें बिहार सहित देश भर के हजारों किसान शामिल होंगे।