
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, आवास, कौशल विकास, आजीविका एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक सेवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि चयनित गांवों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।”
क्या है आदर्श ग्राम योजना :
उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने शुक्रवार को पीएम–अजय के अंतर्गत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु गठित जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति की कार्यशाला में उक्त बातें कही। उन्होंने बताया कि, “पीएम–अजय का आदर्श ग्राम घटक अनुसूचित जाति बहुल गांवों में आधारभूत सुविधाओं एवं आजीविका आदि के समेकित विकास पर केंद्रित है।”
नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन पर बल :
इस दौरान उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, “चयनित गांवों की आवश्यकताओं का यथार्थ आकलन कर ग्राम विकास योजना तैयार करें तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं का अधिकतम अभिसरण सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्यों का निष्पादन करें।” इस दौरान उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला का उद्देश्य :
बताते चलें कि, डीडीसी श्री सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम–अजय) के अंतर्गत संचालित आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से गठित जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति की कार्यशाला समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित ग्रामों के समग्र एवं समावेशी विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, ग्राम विकास योजनाओं की समीक्षा तथा योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना था।
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश :
कार्यशाला के दौरान आदर्श ग्राम योजना के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम विकास योजना के निर्माण, योजना के पोर्टल पर डाटा प्रविष्टि, प्रगति प्रतिवेदन, निगरानी व्यवस्था तथा विभागीय अभिसरण से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही श्री सिंह ने अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
दिए सुझाव और लिया संकल्प :
बैठक में समिति के सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे और योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अपने सुझाव भी साझा किए। कार्यशाला के अंत में सभी संबंधित विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से चयनित गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया।