
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। जहाँ उम्मीद होती है, वहाँ रास्ते खुद बन जाते हैं। इस विश्वास को मजबूती देते हुए टीम ‘द उम्मीद’ ने एक बार फिर ऐसा कार्य, कर दिखाया जिसने सबका दिल छू लिया। सोशल मीडिया और अपने संपर्क का उपयोग कर टीम के संस्थापक सदस्य अमरजीत कुमार ने दिनांक 5 नवम्बर 2025 को अपने परिवार से बिछड़े हुए असम के बच्चों को शुक्रवार को उनके परिजनों से मिलवा दिया।
इस बाबत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि दरभंगा के बलभद्रपुर में एक भटके बच्चे के होने की जानकारी द उम्मीद के साथी को मिली। जानकारी मिलते ही टीम द उम्मीद एक्शन में आई औ अपने संपर्क एवं सोशल मीडिया के सहयोग से तत्काल असम के तमुलपुर जिला पुलिस के माध्यम से बच्चों के परिजनों को सूचना दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए तमुलपुर पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष टीम गठित की। और शुक्रवार को असम पुलिस टीम और बच्चों के परिजन समस्तीपुर पहुंचे, जहाँ बाल कल्याण समिति की देखरेख में सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। इसके बाद टीम द उम्मीद ने, बच्चों को उनके परिजनों और तमुलपुर पुलिस को विधिवत सौंप दिया।
इस मानवीय कार्य के लिए असम पुलिस प्रशासन ने टीम द उम्मीद को अंग वस्त्र से सम्मानित किया। टीम ने बच्ची को कपड़े और स्टेशनरी किट्स भेंट किए तथा उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
बाद में द उम्मीद के संस्थापक अमरजीत कुमार ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस इस बच्ची के पोस्टों को शेयर किया और जिसकी वजह से वे अपने परिवार वालों से मिल पाए। मौके पर टीम द उम्मीद के उपाध्यक्ष आदेश, गर्ल विंग मेंबर ब्यूटी कुमारी, बोर्ड मेंबर नवनीत कुमार, अरुण जी, असम पुलिस टीम एवं सीडब्लूसी पदाधिकारी उपस्थित रहे।