
पांचवीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किए गए स्मृति शेष विधान पार्षद
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। समस्तीपुर से बिहार की राजनीतिक, सामाजिक और जनसेवा की धरती पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पूर्व विधान परिषद सदस्य स्मृति शेष हरि नारायण चौधरी की पांचवीं पुण्यतिथि पर राजनीतिक दूरियां हाशिए पर सिमटती दिखी जब गुरुवार को शहर के होटल कैलाश इन सभागार में श्रद्धांजलि सह सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
कायम की सबको साथ लेकर चलने की मिसाल :
इस अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं उजियारपुर सांसद नित्यानंद राय ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि, “स्व. चौधरी ऐसे सर्वमान्य जननेता थे जिन्होंने राजनीतिक जीवन में संवाद, सौहार्द और सबको साथ लेकर चलने की मिसाल कायम की।”
जन स्वीकार्यता और जन विश्वास की मजबूत विरासत :
श्री राय ने कहा कि, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी सर्वदलीय भागीदारी, जनप्रतिनिधियों के साथ साथ उमड़ी हजारों लोगों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि स्व. चौधरी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि समस्तीपुर के जन स्वीकार्यता और जन विश्वास की ऐसी मजबूत विरासत हैं, जिसकी जड़ें समाज में दिन ब दिन गहरी और मजबूत हो रही हैं।
समय के साथ मजबूत हुई स्वीकार्यता :
श्री राय ने कहा कि, “किसी जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान उसके पद से नहीं बल्कि जनता के बीच बने विश्वास से होती है। यहां उपस्थित यह विशाल जनसमूह और विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी इस बात की साक्षी है कि स्व. चौधरी की जन स्वीकार्यता समय के साथ और अधिक मजबूत हुई है।”
शुभारंभ, उद्घाटन और संचालन :
बताते चलें कि, पूर्व विधान पार्षद स्मृति शेष चौधरी की 5वीं पुण्य तिथि पर आयोजित स्मृति पर्व का शुभारंभ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एवं आर्य समाज परंपरा के धर्माचार्यों द्वारा सामूहिक शांति पाठ से हुआ। तत्पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने स्व. चौधरी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उनके ज्येष्ठ पुत्र अरुण कुमार चौधरी ने की जबकि संचालन पूर्व शिक्षक अनंत कुमार ने किया।
जन विश्वास की मजबूत विरासत :
श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी सर्वदलीय भागीदारी, जनप्रतिनिधियों के साथ साथ उमड़ी हजारों लोगों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि स्व. चौधरी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि समस्तीपुर के जन विश्वास की ऐसी मजबूत विरासत हैं, वक्त के साथ जिसकी जड़ें समाज में दिन ब दिन गहरी और मजबूत हो रही हैं।
जनता का स्नेह और आशीर्वाद निरंतर लोकसेवा के लिए करता है प्रेरित :
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ. तरुण कुमार चौधरी ने कहा कि, पिताजी ने जीवन भर राजनीति को पद प्राप्ति का माध्यम नहीं बल्कि जनसेवा का दायित्व माना था। गरीब, किसान, पिछड़े, अल्पसंख्यक, युवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उन्होंने जो विश्वास अर्जित किया था, वही आज भी इस परिवार की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि जनता का यही स्नेह और आशीर्वाद हम सबको निरंतर लोकसेवा के लिए प्रेरित करता है।
श्रद्धांजलि का अवसर नहीं पुनर्संकल्प का मंच :
इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने कहा कि, स्व. चौधरी ने जो सामाजिक समरसता, न्यायप्रियता और जनसंपर्क की परंपरा स्थापित की थी, उसकी निरंतरता आज उनके परिवार के माध्यम से दिखाई देती है। यह देखना सुखद है और यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि हर वर्ष केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं रहती, बल्कि जनसमर्थन, जन स्नेह और जनसंपर्क के पुनर्संकल्प का मंच बन जाती है।
विरासत अब नई पीढ़ी के हाथों में :
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि स्व. चौधरी ने समस्तीपुर में ऐसी राजनीतिक संस्कृति विकसित की जिसमें विरोधी भी उनको सम्मान देते थे, और समर्थक परिवार मानते थे। उनकी इसी स्वीकार्यता का परिणाम है कि वर्षों बाद भी हर तबके के लोग स्वतः स्फूर्त रूप से उनके स्मृति पर्व में जुटते हैं। उन्होंने ने कहा कि जनसेवा की यह विरासत अब नई पीढ़ी के हाथों में और अधिक व्यापक रूप ले रही है।
सेवा, और जन विश्वास का मानक :
इस अवसर पर मौजूद सभी आगंतुकों ने एक स्वर से कहा कि, स्व. चौधरी सर्व स्वीकार्य नेता थे। उनका जीवन समस्तीपुर की राजनीति में सेवा, सरलता और जन विश्वास का मानक रहा है। अंत में परिवार की ओर से विधान पार्षद डॉ तरुण कुमार ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपस्थिति :
इस अवसर पर मुख्य नेताओं में पूर्व मंत्री लखेन्द्र पासवान, हरि सहनी, डॉ अशोक राम, विधायक मांजरिक मृणाल, अश्वमेध देवी, वीरेंद्र पासवान, विधान पार्षद मदन मोहन झा, सर्वेश कुमार, जगनाथ ठाकुर, सुशील चौधरी, मेयर सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीता राम, उपमहापौर रामबालक पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष नीलम सहनी, शशिधर झा, जिला परिषद उपाध्यक्ष ठाकुर उदय शंकर, पूर्व जिलाध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, लोजपा रामविलास जिलाध्यक्ष हीरा सिंह, सुनील कुमार गुप्ता, वीरेंद्र यादव, प्रभात कुमार ठाकुर, अशोक पासवान सुशील चौबे, डॉ. धर्मांश रंजन, रोटेरियन डॉ. जीसी कर्ण, डॉ एके झा, विमल केडिया, अजीत पाल, रालोजपा के विश्वनाथ पासवान, उमाशंकर मिश्रा, सहित जिले के सभी प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, विभिन्न क्षेत्रों के जिला परिषद सदस्य, सभी स्तर के पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षाविद, जिला प्रशासनिक पदाधिकारी, चिकित्सक, व्यवसायी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।