
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। आधुनिक कृषि यंत्रों एवं छोटे कृषि उपकरणों का उपयोग किसानों की शारीरिक मेहनत को कम करने के साथ-साथ कृषि कार्यों को अधिक सरल, सुरक्षित एवं समयबद्ध बनाता है। कृषि यंत्रीकरण का बढ़ता स्तर न केवल श्रम दक्षता में वृद्धि करता है, बल्कि उत्पादन लागत को कम कर किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कृषि यंत्र अपनाने के लिए किया प्रेरित :
कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इंजीनियर विनीता कश्यप ने उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने किसानों को उनकी आवश्यकताओं एवं संसाधनों के अनुरूप उपयुक्त कृषि यंत्रों को अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता कार्यक्रमों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
प्रशिक्षण सह प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित :
बताते चलें कि, कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत बलहा कल्याणपुर गांव में प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कृषि अभियांत्रिकी विषय की वैज्ञानिक इंजीनियर विनीता कश्यप ने किया।
समय, श्रम एवं लागत की बचत समझा :
इस अवसर पर किसानों के लिए 2 हॉर्स पावर मोटर चालित विद्युत मक्का शेलर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान किसानों को मशीन की कार्यप्रणाली, सुरक्षित संचालन, रखरखाव तथा मक्का की शीघ्र एवं कुशल मड़ाई की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान किसानों ने मशीन के संचालन को प्रत्यक्ष रूप से देखा तथा इसके उपयोग से होने वाले समय, श्रम एवं लागत की बचत को समझा। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति वर्ग के कुल 25 महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।