
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “परिवर्तन सृष्टि का नियम है तो कृषि इससे अछूता कैसे रहता। परंपरागत कृषि से तकनीक आधारित, फिर वैज्ञानिक कृषि और अब डिजिटल कृषि और स्मार्ट कृषि का दौर चल रहा है। परिवर्तन के इस दौर में किसानों को स्मार्ट खेती की दिशा में आगे बढ़ते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकाधिक उपयोग करने की जरूरत है। ताकि समय की बचत के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण कृषि सलाह भी आसानी से प्राप्त हो सके।”
लाभकारी और उपयोगी है किसान सारथी :
किसान सारथी ऐप के माध्यम से “पोषक तत्व प्रबंधन एवं एल-नीनो” विषय पर किसानों की लाइव पोलिंग के दौरान इंजीनियर विनिता कश्यप ने उक्त बातें कही। इस दौरान किसानों को किसान सारथी ऐप की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, “यह ऐप किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी और उपयोगी है। इसके माध्यम से किसान अपनी कृषि संबंधी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को सीधे कृषि विशेषज्ञों तक पहुँचा सकते हैं तथा ससमय वैज्ञानिक समाधान प्राप्त कर सकते हैं।”
लाइव पोलिंग का आयोजन :
बताते चलें कि, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बिरौली द्वारा वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. आर. के. तिवारी के निर्देशन तथा इंजीनियर विनिता कश्यप के पर्यवेक्षण में गुरुवार को किसान सारथी ऐप के माध्यम से “पोषक तत्व प्रबंधन एवं एल-नीनो” विषय पर किसानों की लाइव पोलिंग का सफल आयोजन किया गया।
लाइव पोलिंग के लिए किया प्रेरित :
इस डिजिटल कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 250 से अधिक किसानों ने किसान सारथी ऐप पर पंजीकरण कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए के.वि.के. वैज्ञानिक डॉ. धीरू कुमार तिवारी, ई. विनीता कश्यप, सुमित सिंह, भारती उपाध्याय ने सभी प्रगतिशील कृषकों, प्रसारकर्ताओं इत्यादि से सामंजस्य स्थापित कर उन्हें लाइव पोलिंग के लिए प्रेरित किया।
डॉ. आर. के. तिवारी ने बताया :
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. आर. के. तिवारी ने बताया कि, “किसान सारथी ऐप पर अब तक एक लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है तथा इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी एवं कृषि परामर्श को और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा रहा है।”
मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर बल :
इस अवसर पर डॉ. धीरू कुमार तिवारी ने किसानों को एल-नीनो के संभावित प्रभावों तथा उससे फसलों की सुरक्षा के वैज्ञानिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं सुमित ने समेकित कीट प्रबंधन (आई.पी.एम.) के सिद्धांतों एवं व्यावहारिक उपायों पर किसानों का मार्गदर्शन किया। जबकि भारती उपाध्याय ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आई.एन.एम.) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया।