
ओईनी न्यूज नेटवर्क
सुभाष चन्द्र कुमार
समस्तीपुर/पूसा। डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविधालय के अधीनस्थ मात्स्यिकी महाविद्यालय के सभागार में कुलपति डॉ पुण्यव्रत सुविमलेन्दु पाण्डेय के निर्देशन में मत्स्यपालन, उत्पादों का निर्माण एवं रंगीन मछली पालन विषय पर आधारित तीन प्रशिक्षण सम्पन्न हो गया।

जिसकी अध्यक्षता करते हुए मात्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने प्रशिक्षुओं को मत्स्यपालन के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थी से आह्वान किया कि मत्स्यपालन अवश्य करें व समाज में अन्य लोगों को भी मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करें।

मुख्य अतिथि शश्य विज्ञान विभाग के प्राध्यापक सह जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. रत्नेश कुमार झा ने कहा कि बिहार में मत्स्यपालन व्यवसाय आय के बेहतर स्रोत के रूप में उभर कर सामने आया है। अप्रत्याशित जलवायु परिवर्तन के मौजूदा दौर में किसानों को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने की जरूरत है।

सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की मुख्य वैज्ञानिक डॉ आरती सिन्हा एवं कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय के मुख्य वैज्ञानिक डॉ.एस.के.जैन ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद, तेलंगाना तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार का उक्त तीनों प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मात्स्यिकी महाविद्यालय में कराने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अलग-अलग तीनों प्रशिक्षण कार्यक्रम के कुल 80 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र दिया गया। मौके पर सभी प्रशिक्षणार्थी के साथ मात्स्यिकी महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. शिवेन्द्र कुमार, डॉ. राजीव कुमार ब्रह्मचारी, डॉ. सुजीत कुमार नायक, डॉ. अनिरुद्ध कुमार, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, प्रशिक्षण संयोजिका डॉ.तनुश्री घोड़ई, प्रशिक्षण संयोजक रोशन कुमार राम एवं डॉ. प्रवेश कुमार, आदि मौजूद थे।
