
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
ताजपुर। संचार क्रांति और डिजिटल दुनिया के इस दौर में हो रहे नित नये बदलाव ने हर क्षेत्र में जबरदस्त प्रतियोगिता को जन्म दे दिया। शिक्षा जगत में सफलता का तो आधार ही प्रतियोगिता है। ऐसे में अपनी गुणवत्ता और उपयोगिता बनाये रखने केलिए शिक्षा जगत में हो रहे नवाचारों सहित विभिन्न बदलावों से खुद को अपडेट रखना आवश्यक है।
रविवार को डॉ मुक्तेश्वर सिंहा मॉडेस्टी स्कूल में सी.बी.एस.ई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पटना के द्वारा आयोजित हिंदी कोर्स ए (माध्यमिक) विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शैलजा कार्यी विद्यापीठ के प्राचार्य सुनील कुमार साव ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि हिन्दी बेहद सहज, सरस और सरल भाषा है। इसकी सहजता और सरलता ही है कि इसमे प्रयोगवाद के तहत नवाचार की व्यापक संभावनायें है।
इसके पुर्व कुशल प्रशिक्षक डी.ए.वी. के राघवेंद्र कुमार दुबे एवं शैलजा कार्यी विद्यापीठ पूसा सुनील कुमार साव, एवं वेन्यू डायरेक्टर अंजली केवट ने सीबीएसई द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का विधिवत दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत करने के साथ आरंभ इस कार्यशाला में गद्य, पद्य, पत्र लेखन, स्ववृत, व्याकरण सहित हिन्दी के सभी पहलुओं को विविध क्रियाकलापों के माध्यम से रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यशाला में संत पॉल बिरसिंहपुर, सेंट मेरी पटोरी, शैलजा कार्यी संस्कृत विद्यापीठ पूसा, सिटी सेंट्रल हाई स्कूल कल्याणपुर, संत माइकल स्कूल रांची, सनफ्लावर स्कूल बेगूसराय एवं डॉ मुक्तेश्वर सिंहा मॉडेस्टी स्कूल ताजपुर के शिक्षक शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
अपने संबोधन में प्राचार्य मोडेस्टी स्कूल अंजली केवट ने कहा कि यदि एनईपी 2020 के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो इस प्रकार के कार्यशाला का आयोजन व उसका हिस्सा बनना अत्यावश्यक है। इसके पश्चात ही छात्रों के शैक्षणिक स्तर का उत्थान किया जा सकता है।