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ओईनी 24 समस्तीपुर। बेतहाशा बढती जनसंख्या के कारण पोषणयुक्त भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और संसाधनों आदि पर अत्यधिक दबाव है। इस समस्या के समुचित व स्थायी समाधान में युवाओं की भूमिका अहम है। वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर की प्राचार्य प्रो डाॅ सुनीता सिन्हा नें उक्त बातें महाविद्यालय परिसर में आयोजित विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि इस केलिए युवाओं को एक स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ आगे आना होगा।
बताते चलें कि अर्थशास्त्र विभाग द्वारा प्रधानाचार्य प्रो डाॅ सिन्हा की अध्यक्षता और अर्थशास्त्र विभाग की डॉ विजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग द्वारा बढ़ती जनसंख्या वरदान या चुनौती विषय पर एक पोस्टर और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर सबसे पहले कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ विजय कुमार गुप्ता, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष ने कहा कि यदि बड़ी आबादी को सही शिक्षा, सही कौशल और सही दिशा मिल जाय तो भारत न केवल विकसित बल्कि विकास का नेतृत्व करने वाला बन सकता है। जनसंख्या को समस्या नहीं संसाधन मानना चाहिए।
वहीं डॉ रिंकी कुमारी ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि अत्यधिक जनसंख्या के कारण सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की कमी है। समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ रंजन कुमार ने कहा कि आने वाले समय मे महिलाओं की एक महती जिम्मेदारी समाज का नेतृत्व करने की है। इसलिए उनका कुशल होना अति आवश्यक है।
अपने संबोधन में प्रो सोनी सलोनी ने कहा कि भारत की विस्फोटक जनसंख्या को जनसांख्यिकी लाभांश में बदलने की जरूरत है।
इस अवसर पर हुए भाषण प्रतियोगिता में छोटी कुमारी, आरती कुमारी, अंशु, प्रियंका कुमारी, दिव्या वर्मा, शालिनी ठाकुर, पिंकी कुमारी, गीता कुमारी, उदिता, कोमल कुमारी, दिव्या वर्मा शालिनी ठाकुर, पिंकी कुमारी, गीता कुमारी, उदिता, कोमल कुमारी, दिव्या कुमारी ने हिस्सा लिया। भाषण में उदिता, आरती और कोमल क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय रही।
वही पोस्टर मेकिंग में प्रेरणा मिश्रा, पिंकी कुमारी, सपना कुमारी, खुशबू कुमारी, कोमल, गीता ने हिस्सा लिया और कोमल, खुशबू और प्रेरणा क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रही।
मौके पर डॉ फरहत जबीन, डॉ सुमन कमारी, डॉ शालिनी कुमारी, डॉ कविता वर्मा, डॉ अपूर्वा मुले, डॉ मोना शर्मा, डॉक्टर पिंक कुमारी , डॉक्टर शहनाज आरा, डॉ मृत्युंजय कुमार ठाकुर आदि सहित सभी शिक्षक एवं अधिक संख्या में छात्राएं उपस्थित थी।