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ओईनी 24 डेस्क, पूसा। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के समुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के सभागार में सोमवार को स्मार्ट कृषि से पोषक तत्व में सुधार के परिणामों में जलवायु एकीकरण विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। आज प्रकृति जिस दिशा में बढ़ रही है उससे पोषण युक्त आहार का अभाव उत्पन्न हो गया है। हालांकि हमारे देश में इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
उन्होंने प्राकृतिक खेती को लाभकारी बताते हुए कहा कि मृदा की नष्ट हो रही उर्वरक क्षमता की प्रतिपूर्ति बेहद जरूरी है। इसको लेकर वैज्ञानिकों को समाज की समस्या से जुड़े शोध करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पोषण युक्त फसल की खेती में फसल प्रबंधन की भुमिका अहम होती है। उन्होंने ने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला से सकारात्मक परिणाम आएंगे जिससे लोगों को लाभ मिलेगा।
समुदायिक विज्ञान महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ उषा सिंह ने कहा कि बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि के कारण जलवायु पर असर पड़ा है। जिससे बच्चे व गर्भवती महिलाएं अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण भोजन के पोषक तत्व में क्या कमी आ रही है इस पर भी शोध किया जाएगा। जबकि यूनिसेफ के डॉ अंतर्यामी दास ने पोषण युक्त आहार के विभिन्न आयामों पर चर्चा किया। इस दौरान निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक का संचालन राजनंदन ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन डॉ गीतांजली ने किया। इस दौरान डॉ रीचा वर्चुअल मोड में शामिल हुई। मौके पर डॉ ए सत्तार, डॉ मुकेश कुमार सहित वैज्ञानिक व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।