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ओईनी 24 डेस्क/सरायरंजन।
जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, अख्तियारपुर और क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण समिति सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला पंचायत सरकार भवन सभागार में सम्पन्न हुआ।
इस कार्यशाला की अध्यक्षता ग्राम पंचायत राज अख्तियारपुर बलभद्र की मुखिया गीता देवी ने किया। जिसमेें बाल संरक्षण समिति के सदस्य, वार्ड सदस्य, पंच सदस्य, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अलावे दर्जनों जीविका दीदियां शामिल हुई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पूनम कुमारी एवं शांति रानी गुप्ता नें कहा कि बच्चों को संरक्षण हेतु अच्छे संस्कार के साथ-साथ शिक्षा से लैस करना होगा। जब बच्चों में शिक्षा और संस्कार आ जाएगा तब वे स्वयं बाल श्रम और बाल विवाह से बचने का प्रयास करेंगे।
वहीं रामप्रित चौरसिया और अमित कुमार राम नें कहा कि शैक्षणिक माहौल तैयार करने और बेटियों को समुचित शिक्षा देने के बाद ही बाल श्रम और बाल विवाह पर कंट्रोल हो सकता है। जब माताएं शिक्षित होंगी तो संपूर्ण परिवार शिक्षित होंगा।
बाल विवाह मुक्त अभियान की दिप्ती कुमारी और स्मृति कुमारी नें बाल विवाह मुक्त गांव बनाने के लिए आह्वान किया। बीड़ी कामगार संगठन के संयोजक विभा कुमारी नें बीड़ी कामगार के बच्चों से जुड़ी समस्या पर ध्यान आकर्षित कराया।
बाल अधिकार परियोजना के सिनियर रिसर्च कंसल्टेंट बलराम चौरसिया, दिनेश प्रसाद चौरसिया, वीणा कुमारी, ललिता कुमारी नें बाल विवाह से होने वाली कठिनाईयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह से सबसे अधिक परेसानी बेटियों के साथ होती है। बेटी की शादी 18 साल बाद और बेटा की शादी 21 साल के बाद हीं करना चाहिए। इससे पहले की शादी बाल विवाह कहलाता है।
जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेंद्र कुमार नें जीपीडीपी अर्थात ग्राम पंचायत विकास योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत बनाने के लिए बच्चों के हित में ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण करना चाहिए। वहीं रामप्रित चौरसिया ने बाल पंचायत के महत्व पर प्रकाश डाला। फुल कुमारी देवी, शिला कुमारी, किरण देवी, शकुंतला देवी, अशोक महतो, रामनाथ राय, बेबी देबी, सुनिता देवी, समेत दर्जनों लोगों नें विचार व्यक्त किए। संचालन रविन्द्र पासवान नें किया।