ओईनी न्यूज नेटवर्क
पूसा/ समस्तीपुर । डॉ.राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ अब्दुल सत्तार ने मौसम के अनुसार किसान भाईयों केलिये सुझाव जारी कर बतीयी है कि अगात आलू की तैयार फसल की खुदाई करें। खुदाई के 15 दिनों पूर्व सिंचाई बन्द कर दे। आलू की फसल जो कृषक बंधु बीज के लिए रखना चाहते हैं उसकी ऊपरी लत्तर की कटाई कर दें।
तैयार खेत की एक हल्की जुताई कर गरमा सब्जियों जैसे-भिन्डी, कट्टू, कदिमा, करेला, खीरा एवं नेनुओं की बुआई किसान भाई कर सकते है। बुआई के लिए मौसम अनुकुल है। भिंडी के लिए परभनी क्रान्ति, अका अभय, अकी अनामिका, वर्षा उपहार, के०एस०-312, लौकी के लिए राजेन्द्र चमत्कार, पूसा समर प्रौलिफिक लॉग, पूसा समर प्रौलिफिक राउंड, नेनुआ के लिए राजेन्द्र नेनुआ-1. पूसा चिकनी पूसा प्रिया, कल्याणपुर चिकनी, करेला के लिए पूसा दो मौसमी, पूसा विशेष, कोयम्बटूर लौंग, पंत करेला और कल्याणपुर बारहमासी अनुशंसित किस्में हैं। किसान भाई प्रमाणित स्त्रोत से बीज का प्रबंध कर लें।
इस समय लहसुन एवं अगात बोयी गई प्याज की फसल में थ्रिप्स कीट का निगरानी करें। थ्रिप्स कीटों की संख्या अधिक दिखने पर प्रोफेनोफॉस 50 ई०सी० दवा का 1.0 मि.ली. प्रति लीटर पानी या इमिडाक्लोप्रिड दवा का 1.0 मि.ली. प्रति 4 लीटर पानी की दर से घोलकर छिड़काव करें। अच्छे परिणाम हेतु चिपकाने वाला पदार्थ जैसे टीपोल 1.0 मि.ली. प्रति लीटर पानी की दर से घोल में मिलावें।
बसन्तकालीन ईख एवं शकरकन्द की रोपाई / बुआई करें। अक्टुवर-नवम्बर महीनों में रोपी गई ईख की फसल में हल्की सिंचाई करे।
