
Oini News Network
ओईनी 24 समस्तीपुर । मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध में इंडिया गठबंधन द्वारा बुलाए गये बिहार बंद का समस्तीपुर में व्यापक असर देखा गया। इस दौरान शहर के विभिन्न चैक – चैराहों पर कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर आवागमन बाधित किया। जिससे सड़क पर दोनों दिशाओं में छोटे बडे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वहीं बंद को लेकर राहगीरों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ा। बंद के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात ठप्प रहा। जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल, कॉलेज और बाजारों पर भी बंद का असर देखने को मिला। हलांकि बंद समर्थकों ने एंबुलेंस को आने से नहीं रोका उसे रास्ता देकर गंतव्य की ओर जाने दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को अव्यवस्थित और पक्षपातपूर्ण बताया।
इस दौरान बंद समर्थकों ने नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद, चुनाव आयोग मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। शहर के एसडीओ कार्यालय स्थित ओवर ब्रिज, पटेल मैदान गोलंबर चैक, पर प्रदर्शनकारियों ने सभा का आयोजन किया। इधर समस्तीपुर के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर गरीब विरोधी नीति लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो वह केवल सड़क पर नहीं बल्कि आने वाले दिनों में सदन तक आंदोलन करेंगे।
श्री शाहीन ने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है। मतदान प्रजातंत्र में मौलिक अधिकारों में शामिल है। पुनरीक्षण के बहाने सरकार गरीब गुरबों को मतदान के अधिकार से वंचित करना चाहती है, हम बीजेपी और नीतीश कुमार के गोदी आयोग को इसकी अनुमति नहीं देंगे, उन्होंने कहा कि बिहार में दादागिरी नहीं चलेगी।
राजद जिला अध्यक्ष रोमा भारती ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया है, ससे गरीबों और पिछड़ों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश की जा रही है।
मौके पर कांग्रेस कमिटी जिला अध्यक्ष मो अबु तमीम, भाकपा जिला मंत्री प्रो उमेश कुमार, रालोजपा जिलाध्यक्ष विनय कुमार चैधरी, मीडिया प्रभारी उमा शंकर मिश्रा, वीआईपी जिला अध्यक्ष आदर्श कुमार पिंटू, महिला जिला अध्यक्ष पुष्पा सहनी, राकेश ठाकुर सहित काफी संख्या में इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता मौजूद थे। वहीं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हर चैक चैराहे पर मोर्चा संभाल रखा था।