
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित चतुर्थ दीक्षांत समारोह उपस्थित कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने मुख्य अतिथि वह अन्य अतिथियों संबोधित करते हुए कहा कि भारत आदि काल से ही कृषि एवं ऋषि का देश रहा है। यहां की संस्कृति खान पान व पहनावा कृषि पर आधारित है।
पूसा की महत्ता और पौराणिकता का उल्लेख करते हुए डॉ पांडेय ने कहा कि पूसा पुषण देवता के नाम से इतिहास के पन्नों में वर्णित है। वहीं कृषि एवं अनुसंधान की है जन्मस्थली भी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय बनने के बाद यहां अनेक परिवर्तन हुए हैं।
भारत सरकार की योजना आत्मनिर्भर भारत व लोकल फार वोकल के तहत वि वि द्वारा निर्मित उत्पाद एवं तकनीक जैसे शहद, वर्मी कंपोस्ट मशरूम उत्पादन आदि के निर्माण से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। साथ ही कृषि के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों एवं वैज्ञानिकों के अथक श्रम व समर्पण के बदौलत आईआईंआरएफ के द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय के श्रेणियां में इस विश्वविद्यालय को दसवां स्थान प्राप्त हुआ है।
आगे उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों एवं अभिभावकों को बधाई दी, वहीं 37 गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि आज का यह क्षण गौरव पुर्ण है। ये छात्र-छात्राएं भविष्य के चिराग हैं जो देश को कृषि के क्षेत्र को चिर काल तक आलोकित करते रहेंगे।