
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
विभूति कुमार की रिपोर्ट।
Oini 24 समस्तीपुर। जिले सहित आसपास के इलाकों में पिछले एक सप्ताह के भीतर दो बार आई आंधी के साथ बारिश से हुए नुकसान के सदमे से किसान उबरने की कोशिश कर ही रहे थे कि, इसी बीच शुक्रवार की रात एक बार फिर आई तेज आंधी और बारिश ने खेतों व बागानों में खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा कर उनके अरमानों पर तुषारापात का दिया।
तेज हवा ने पहुंचाया काफी नुकसान :
इस तीसरी आंधी और बारिश ने खासकर गेहूं, सरसों, मक्के, आम और लीची की फसल को व्यापक क्षति पहुंचाई है। इस बाबत किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल कटनी के मुहाने पर है। ऐसे में तेज हवा और बारिश के कारण कई खेतों में गेहूं की बालियां झुक गईं या खेतों में बिछ गईं, जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यही हाल सरसों, मक्के, तोड़ी के फसल का भी है।
आम और लीची जैसी फसलें भी प्रभावित :
कृषि जानकारों के अनुसार, इस तरह का असमय मौसम परिवर्तन रबी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश और आंधी से खासकर कटनी के लिए तैयार फसलों को अधिक खतरा रहता है। बिहार के कई जिलों में हाल के दिनों में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं, जिनमें गेहूं, मक्का, आम और लीची जैसी फसलें प्रभावित बताई गई हैं।
उत्पादन पर गंभीर असर का खतरा :
किसानों का कहना है कि पहले हुई बारिश से फसलें संभल भी नहीं पाई थीं कि शुक्रवार रात फिर मौसम ने कहर बरपा दिया। इससे बागवानी करने वाले किसानों की चिंता और बढ़ गई है। आम और लीची उत्पादक किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम का मिजाज बना रहा, तो इस बार उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फसल क्षति का आकलन कर राहत की मांग :
ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर खेतों में पानी जमा होने की भी सूचना है। इससे गेहूं की फसल में सड़न और दाने की गुणवत्ता खराब होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का आकलन कर राहत देने की मांग की है।
मेहनत और अरमानों पर फिरा पानी :
स्थानीय किसानों ने बताया कि इस मौसमीय मार से उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा। एक ओर गेहूं की फसल तैयार थी, वहीं दूसरी ओर आम और लीची से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी। लेकिन लगातार बदलते मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।