कन्हैया के जखन राघव लला छथि सहाय तखन परवाहे की तथा डाॅ बब्लू के ये मेरा दिल है तेरे शहर का बाजार नहीं ने लूटी महफिल

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क ओईनी। बीते रविवार को ओईनी स्थित शारदा सावित्री अनिल संगीत महाविद्यालय, में सुबह से ही खासी चहल-पहल भरी रौनक थी। हर तरफ बच्चों के हर्षकिलोल से वातावरण पर उत्सवी रंग चढा था। परिसर का कोना-कोना राग रस रंग में सराबोर हो रहा था।
अवसर था महाविद्यालय के 35 वें स्थापना दिवस समारोह का। इस अवसर पर एक तरफ संस्थान के बच्चों ने अपनी बहुआयामी गायकी से श्रोताओं को रस विभोर किया तो वहीं दूसरी तरफ किशोर ब्रजेंद्र जी के मार्गदर्शन में पेंटिंग के बच्चों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी ने लोगों को अपनी ओर बरबस ही आकर्षित कर लिया। केन्दीय विद्यालय मुजफ्फरपुर की शिक्षिका डाॅ अंजना शर्मा ने बच्चों की प्रतिभा को जम कर सराहा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर सबसे पहले महाविद्यालय के संस्थापक सचिव अरुण कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और छात्र-छात्राओं ने गुरु डॉ. सुनील कुमार सिंह बबलू के मार्गदर्शन में जगदंब हमर हे बात सुनू हम जाऊ कत से बात कहु के साथ कार्यक्रम को दिशा दी।
फिर तो छात्र-छात्राओं व अतिथि कलाकारों ने वो समां बांधा कि देर शाम तक राग, भजन, गजल, और गीत के विविध रस-रंग में लोग सम्मोहन की अवस्था में झूमते तालियां बजाते रहे। इस दौरान संस्थान के संस्थापक सह मुख्य प्रशिक्षक डाॅ सुनील कुमार सिंह ने आगत अतिथियों व मीडिया कर्मियों का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, शाल आदि से अभिनंदन किया।
इस दौरान अपने संबोधन में जगमोहन विद्यापति काॅलेज आॅफ आर्ट एण्ड टेक्नोलाॅजी के सचिव डाॅ संजय कुमार राजा ने 35वें वर्षगांठ की बधाई देते हुए बच्चों को प्रतिदिन कठोरता पूर्वक कम से कम एक घंटे रियाज करने केलिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर अबाध रियाज ही आपकी पूंजी है याद रखिए जो रियाज करेगा वहीं राज करेगा।
इस दौरान बच्चों ने अब तेरे शहर में न आउंगा, अपनी दुनिया अलग बसाउंगा गा कर उस्ताद मजीद खां की याद ताजा की तो मैथिली के सुप्रसिद्ध लोक गायक कृष्ण कुमार कन्हैया ने जखन राघव लला छथि सहाय तखन परवाहे की आदि गीतों ने लोगों को आत्मविभोर कर दिया।
इसी क्रम में डाॅ बबलू ने हर किसी के हाथ बिक जाने को तैयार नहीं, ये मेरा दिल है तेरे शहर का बाजार नहीं गा कर श्रोताओं को झूमने को विवश कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए तबला वादक प्रभात कुमार तुलसी ने महाकवि विद्यापति के बाद सबसे अधिक गाये जाने वाले गीतों के रचयिता मैथिली के आशु कवि स्नेहलता जी को पद्म सम्मान दिलाने की मुहिम चलाने की आवश्यकता जताई।
इस अवसर पर पूर्व जिला पार्षद संजय सिंह, तबला वादक भोला दास, मनोरंजन झा, संतोष कुमार, नंद किशोर शर्मा, अनामिका रॉय, चांदनी कुमारी, नेहा प्रिया, साध्वी कुमारी, खुशबू कुमारी, शिवानी कुमारी, अनुष्का कुमारी, आदि उपस्थित रहे।
