
समस्तीपुर। रेल वर्कशॉप में बड़ी लाईन माल डिब्बा का पीओएच कार्य प्रारंभ करने में रूकावट के लिए मुख्य कारखाना प्रबंधक की अकर्मण्यता एवं हठधर्मिता एवं समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा भूमि खाली कराकर कारखाना को नहीं सौंपने के खिलाफ 22 सितंबर से कारखाना के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू किया जायेगा। सोमवार को डीआरएम चौक स्थित यात्री शेड में शंकर प्रसाद साह की अध्यक्षता संपन्न रेलवे विस्तार एवं विकास मंच की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। इस बैठक का संचालन शत्रुघन राय पंजी ने किया।
इस अवसर पर विनोद कुमार पासवान, परमानंद मिश्र, कांग्रेस के डोमन राय, विश्वनाथ सिंह हजारी, शाहिद हुसैन, सुरेंद्र राम, भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामबली सिंह, जीतेंद्र कुमार, राजद के रामविनोद पासवान, शम्भू राय, चीनी मिल मजदूर यूनियन के पूर्व नेता शशिभूषण शर्मा, पिंकू पासवान, अरविंद कुमार, रेल कर्मचारी यूनियन के संतोष कुमार निराला आदि ने बैठक में अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में मंच के संयोजक शत्रुधन राय पंजी ने कहा कि लंबित कार्यों का निष्पादन कर तत्काल पीओएच निर्माण शुरू नहीं हुआ तो 22 सितंबर से रेलकर्मी व मंच के लोग अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जायेंगे।
उनहोंने बताया कि वर्कशॉप के कार्यारंभ की स्वीकृति 2014-15 में ही दे दी गई थी। वित्तीय वर्ष 2016-17 में निर्माण कार्य के मद में 63 करोड़ 82 लाख 57 हजार रूपये आबंटित भी किया गया था। राशि की निकासी भी कर ली गई। इसी बीच एक सर्वे टीम द्वारा कुछ पुराने भवनों को तोड़कर कारखाना की जमीन की कमी को पूरा करने का प्रस्ताव डीआरएम को दिया गया लेकिन डीआरएम के अकर्मण्यता के कारण यह मामला अब तक ठंडे बस्ते में है।
अब तो योजना रद्द होने एवं राशि लौटने का डर लोगों को सता रहा है। श्री पंजी ने कहा कि अंग्रेजकालीन यह कारखाना समस्तीपुर जिले का धरोहर है। इसे बचाने की लड़ाई में मंच कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है।
उन्होंने जिले के एमपी, एमएलए, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों समेत छात्र, नौजवान, किसान, मजदूर, कर्मचारी, बुद्धिजीवियों से आग्रह किया है कि कारखाना बचाने को लेकर अपने-अपने स्तर भी प्रयासरत हों एवं मंच द्वारा कारखाना पर पहली कड़ी के बतौर 22 सितंबर से शुरू होने वाले अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल होकर सफल बनाएं। बैठक के अंत में मृतक जनवादी लेखक संघ के जिला सचिव का० रामदेव महतो दो मिनट की मौन श्रंद्धाजलि दी गयी।