
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। सोमवार समस्तीपुर ही नहीं अपितु संगीत जगत केलिए काला सोमवार साबित हुआ जब देर शाम जिले में संगीत का एक मजबूत आधार स्तंभ परम तत्व में विलीन हो गया। संगीत के सभी विधाओं गायन, वादन, नृत्य एवं तबला के सिद्धहस्त ज्ञाता भास्कर त्रय, महिला कॉलेज के संगीत विभागाध्यक्ष रहे रामस्वार्थ ठाकुर मतवाला का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
संगीतज्ञों ने जताई संवेदना :
उनके निधन की खबर से जिले के संगीत प्रेमियों व संगीतज्ञों में शोक की लहर दौड़ गई। सुविख्यात ताल मर्मज्ञ, विश्व प्रसिद्ध ताल दर्शन मंजरी के रचयिता राम नरेश राय, प्रख्यात बांसुरी वादक डॉ. वेद प्रकाश आर्य, संगीत शिक्षक रौशन कुमार, तबला आचार्य रामचंद्र ठाकुर, दीपक कुमार, वेद नारायण राय, प्रवीण कुमार सहाय, कुमार रंजन, डॉ सुनील कुमार सिंह, तरविंदर सिंह तारा, डॉ संजय कुमार राजा, कमल मोहन मिश्र, सुमित कुमार सुमन, साक्षी ऋतु, अनीता कुमारी, लक्ष्मण कुमार, सहित जिले के तमाम संगीत सेवियों और संगीत मर्मज्ञो ने उनके निधन पर गहरी संवेदना जताई है।
संगीत की सभी विधाओं में समान पकड़ :
सभी ने कहा कि, “उनका निधन जिले ही नहीं संगीत जगत की अपूर्णीय क्षति है। उनके निधन से उत्पन्न शून्य को भर पाना सदियों तक मुमकिन नहीं होगा। बताते चलें कि स्मृति शेष मतवाला देश के इकलौते सिद्ध संगीतज्ञ थे जो संगीत के सभी विधाओं पर समान पकड़ रखते थे।” अभी हाल ही में जगमोहन विद्यापति कॉलेज ऑफ आर्ट एंड टेक्नोलॉजी ओईनी ने उन्हें भातखंडे सम्मान से सम्मानित किया था।
जिले में संगीत शिक्षा के सूत्रधार :
इतना ही नहीं समस्तीपुर के इकलौते संगीतज्ञ थे जो सितार, और सरोद बजाते थे। जिले में संगीत की शिक्षा के सूत्रधार और जिले में संगीत के आधार स्तंभ के रूप में वे सदियों तक याद आते रहेंगे। वे विगत कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे।