
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 दरभंगा । को कृषि विज्ञान केन्द्र जाले परिसर में मैनकाइंड ऐग्रिकल्चर कंपनी के सहयोग से डॉ दिव्यांशु शेखर, वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र जाले दरभंगा की अध्यक्षता में मखाना रोग प्रबंधन विषय पर जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
मखाना में कीट प्रबंधन :
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ शेखर ने बताया कि मखाना उत्पादन में कीट व व्याधि नियंत्रण/प्रबंधन बेहद आवश्यक है। मखाना के तालाब में काई की समस्या सामान्य समस्या है। फसल के अग्रिम बढ़वार के समय (मार्च – अप्रैल में) काई नियंत्रण के लिए कॉपर सल्फेट का प्रयोग किया जा सकता है। एफिड भी एक और महत्वपूर्ण कीट है उसके नियंत्रण के लिए भी इमेडाक्लोपरिड की 1 मिली दवा को 3 लीटर पानी में घोलकर आर्थिक क्षति की परिस्थिति बनने से पहले छिड़काव करना चाहिए
अतिथियों ने किया विभिन्न तकनीकी पहलुओं का प्रदर्शन :
अपने संबोधन में आमंत्रित अतिथि उद्यान वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, सीतामढ़ी डॉ. मनोहर पंजीकार, ने मखाना उत्पादन की उन्नत तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी तथा गुणवत्ता पूर्ण बीज चयन, रोपण विधि, जल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का प्रदर्शन किया।
दी कीट एवं रोगों पर नियंत्रण की व्यावहारिक जानकारी :
इस दौरान मैनकाइंड ऐग्रिकल्चर के पदाधिकारी पी.के. राय ने मखाना किसानों को मखाना उत्पादन में इसकी विभिन्न बढ़वार की अवस्थाओं में आक्रमण करने वाले कीट एवं रोगों पर नियंत्रण की व्यावहारिक जानकारी किसानों के साथ साझा किया। इसी क्रम में, मैनकाइंड ऐग्रिकल्चर के मणिकांत जी, ने भी अपने अनुभव साझा किये।
200 से अधिक पुरुष व महिला किसान हुए शामिल :
कृषि विज्ञान केन्द्र के अन्य वैज्ञानिकों यथा, इंजीनियर निधि कुमारी, डॉ पूजा कुमारी, डॉ प्रदीप कुमार विश्वकर्मा एवं डॉ चन्दन कुमार ने भी मखाना से जुड़ी हुई जानकारी किसानों के साथ साझा किया। इस कार्यक्रम में जिला दरभंगा के विभिन्न प्रखंडों से आए हुए 200 से अधिक पुरुष एवं महिला किसानों ने भाग लिया।